उन्नाव। हरदोई रूट पर भारी वाहनों के लिए बनी नौ किलोमीटर लंबी सड़क आठ महीने में 13 जगह दरक गई। 34 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सड़क अक्टूबर 2025 में यातायात के लिए खोली गई थी। पीडब्ल्यूडी ने इसकी फौरी मरम्मत कराई थी। अब सड़क को चौड़ा और मजबूत बनाने पर 24.28 करोड़ रुपये और खर्च किए जाएंगे।
उन्नाव-हरदोई मार्ग को शहर के बाहर से कानपुर-लखनऊ हाईवे से जोड़ने के लिए बाईपास बना था। वर्ष 2016 में इसे बनाने की स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य वर्ष 2024 में शुरू होकर एक साल में पूरा हुआ। सात अक्टूबर 2025 को यातायात शुरू होते ही सड़क टूटने लगी थी। सदर विधायक ने सड़क की चौड़ाई सात मीटर से 10 मीटर करने का प्रस्ताव दिया है। जिला प्रशासन ने इसे कार्ययोजना में शामिल कर डीपीआर तैयार किया है।
सड़क की जांच में की गई लीपापोती
अक्टूबर 2025 में हुई दिशा की बैठक में सड़क खराब होने का मुद्दा उठा था। सांसद साक्षी महाराज ने इस पर नाराजगी व्यक्त की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय समिति से जांच कराई थी। हालांकि उस जांच में भी लीपापोती होने की बात सामने आई।
ठेकेदार ने सड़क निर्माण का 34 करोड़ रुपये का टेंडर 30 फीसदी कम कीमत पर हासिल किया था। काम भले ही 2024 में शुरू हुआ लेकिन सामग्री के रेट 2016 के ही लगे। इससे सड़क मानक के अनुरूप नहीं बन पाई। ठेकेदार ने बचत करने के लिए गुणवत्ता से समझौता किया।
वर्जन...
बाईपास की सड़क की चौड़ाई तीन मीटर बढ़ाकर 10 मीटर करने और मजबूती बढ़ाने के लिए अन्य काम कराने के लिए कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बजट की स्वीकृति के लिए कार्ययोजना शासन को भेजी जा रही है। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम कराया जाएगा। फिलहाल इस सड़क की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की ही रहेगी। -हरदयाल अहिरवार एक्सईएन पीडब्ल्यूडी