उन्नाव। जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र का लाइसेंस जिस पीहू मेडिकल स्टोर नाम की संस्था को दिया गया है उसके पास जिले में 21 केंद्रों का ठेका है। इनमें 10 केंद्रों का संचालन शुरू हो गया है, बाकी की प्रक्रिया चल रही है। इसी फर्म का कानपुर देहात के अकबरपुर में एलोपैथिक दवाओं का मेडिकल स्टोर भी है। इसी के लाइसेंस पर जिला अस्पताल के पास गली में भी एलोपैथिक दवा का मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा था। हालांकि कार्रवाई के बाद इसे बंद कर दिया गया है।
पीहू मेडिकल स्टोर नाम की फर्म को स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) ने उन्नाव के अलावा दो और जिलों बिजनौर और फर्रुखाबाद के 40 जन औषधि केंद्र का लाइसेंस दे रखा है। उन्नाव जिले के जिन 21 जन औषधि केंद्रों का ठेका मिला है उनमें जिला पुरुष व महिला अस्पताल के अलावा मौरावां, बीघापुर सौ बेड अस्पताल, सफीपुर, बांगरमऊ, पुरवा, औरास, फतेहपुर चौरासी सीएचसी में जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू हो गया है। नवाबगंज, हसनगंज सहित अन्य अस्पतालों में केंद्र खोले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जेनरिक दवाओं के लिए खोले इन औषधि केंद्रों की आड़ में सरकारी अस्पतालों में ही पेटेंट दवाएं बेचने का खेल चल रहा है। सूत्रों का दावा है कि गहनता से जांच हो तो बड़े पैमाने पर घपला सामने आएगा।
वर्जन....
जन औषधि केंद्र में पेटेंट दवाओं की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन केंद्रों में केवल जेनरिक दवाओं की ही बिक्री की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य, आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद लोगों इलाज के लिए सस्ती दवाएं उपलब्ध करना है। जेनरिक दवाएं, पेटेंट की अपेक्षा 60 से 70 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं। इस एजेंसी के सभी केंद्रों की वर्तमान में जांच के साथ ही, लाइसेंस निरस्त करने के लिए साचीज को रिपोर्ट भेजी गई है।
-डॉ. सत्यप्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
किसी भी जन औषधि केंद्र में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। कहीं भी पेटेंट दवाओं की बिक्री नहीं हो रही है। जिला अस्पताल के जिस केंद्र में पेटेंट दवाएं मिली हैं, उसमें तैनात फार्मासिस्ट ने गड़बड़ी की है। कुछ दिनों से हर्निया का इलाज कराने के लिए बाहर था। इसी का उसने फायदा उठाया। एलोपैथिक दवा का इसी नाम से मेडिकल स्टोर अकबरपुर में है। वहां से यहां दवा लाकर बेचना संभव ही नहीं है। अलग-अलग फर्मों से सात जिलों में 40 जन औषधि केंद्र संचालित हैं। पेटेंट दवाएं बेचकर नुकसान क्यों करेंगे। -अमित कुमार, जनऔषधि केंद्र संचालक।