उन्नाव। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने की उम्मीद फिर टूट गई है। पहले इसे उन्नाव से लखनऊ तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी थी फिर 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे के साथ लोकार्पण पर विचार हुआ था। अब लखनऊ के पहले चरण में खांडेदेव टोल प्लाजा के पास काम पूरा न होने से लोकार्पण टल गया है। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का दावा है कि यह काम 15 मई तक पूरा हो जाएगा।
कानपुर-लखनऊ के बीच 3100 करोड़ रुपये की लागत से 64 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बना है। इसकी उन्नाव क्षेत्र में 45.3 किलोमीटर और लखनऊ क्षेत्र में 18.7 किलोमीटर लंबाई है। मार्च में लखनऊ दौरे पर आए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे जल्द खोलने की बात कही थी। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से भी इस पर बात की थी। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना था। इसी के साथ इस एक्सप्रेसवे का भी लोकार्पण कराने की तैयारी थी। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे टाल दिया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार लखनऊ जिले में पहले चरण में खांडेदेव (शिवपुरा) टोल प्लाजा के पास कुछ काम बाकी है। उन्नाव के आजाद नगर से लखनऊ सीमा तक 45.3 किलोमीटर लंबा दूसरा क्षेत्र फरवरी में ही पूरा हो चुका है। इसला कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र भी जारी हो गया है लेकिन लखनऊ का पहला पैकेज अभी अंतिम चरण में है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश ने बताया कि लखनऊ में अंतिम कार्य और मार्ग प्रकाश सहित कुछ काम शेष हैं। इन कार्यों को 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद ही एक्सप्रेसवे का लोकार्पण कराया जाएगा।