उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र के महेश खेड़ा ग्राम पंचायत निवासी हितेंद्र ने अपने साथ हुए अन्याय की लड़ाई लड़ने का मन बनाया है। साक्ष्यों को अनदेखा करने वाली पुलिस, झूठा आरोप लगाने वाली युवती और उसे उकसाने वालों के खिलाफ अदालत जाएंगे। अधिवक्ता ने पूरी मदद का भरोसा दिया है।
महेश खेड़ा निवासी हितेंद्र का एयरफोर्स में चयन हो गया था। इसके बाद 16 फरवरी 2021 को युवती ने उनके खिलाफ अगवा करने और दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगाया था कि 18 जनवरी 2019 को उसे घर के पास से अगवा किया और महिला की मदद से कानपुर ले जाने के बाद ट्रेन से दिल्ली ले गया। वहां दुष्कर्म किया। किसी तरह बचकर वहां से भाग पाई। वर्ष 2022 में विवेचक ने हितेंद्र के सभी साक्ष्यों को दरकिनार करते हुए पीड़िता के कलमबंद बयान के आधार पर हितेंद्र को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया था।
हितेंद्र को ढाई महीने जेल में बिताने पड़े थे। बाद में वह जमानत पर बाहर आए थे। हितेंद्र के अधिवक्ता अजय द्विवेदी ने अदालत को बताया कि विवेचना के दौरान विवेचक हितेंद्र की सर्विलांस से लोकेशन प्रयागराज की मिली थी। वह वहां रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। कई अन्य साक्ष्यों को विवेचक ने नजरअंदाज कर दिया था।
युवती ने मैजिक से अगवा कर कानपुर ले जाने और बिना टिकट ट्रेन से दिल्ली जाने की बात बताई थी। अधिवक्ता ने दलील दी कि पुलिस ने लालकुआं से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक के कैमरे खंगाले लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। बृहस्पतिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने हितेंद्र को दोषमुक्त कर दिया।