फोटो नंबर-22-बंथर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट का कार्यालय। संवाद
उन्नाव। अमेरिका के टैरिफ से तीन महीने में करीब ढाई हजार करोड़ की मार झेल चुके उन्नाव के चमड़ा उद्योग के रूस के राष्ट्रपति का भारत दौरा नई उम्मीद लेकर आया है। रूस के दो सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सुपर टेनरी सहित दो चर्म इकाईयों का दौरा किया। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने इस दौरे को सफल बताया और आने वाले दिनों में चर्म उद्योग के लिए रूस को अमेरिका से बेहतर बाजार बनने की उम्मीद जताई।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रूस के मास्को से प्रमुख आयातकों के प्रतिनिधिमंडल के रूप में यहां पहुंचे येव गेनी और एनी ने बृहस्पतिवार को दही और बंथर औद्योगिक क्षेत्र की दो चर्म इकाईयों का दौरा किया। उन्होंने सुपर टेनरी में बनने वाली सैडलरी, लेदर क्लाथ, शीट, जैकेट, जूता, पर्स व अन्य उत्पादों को देखा। उन्हें तैयार करने में रंग और व अन्य सामग्री के आयात की जानकारी ली। बताया कि चमड़ा को रंगने और उत्पादों की सजावट में उपयोग होने वाली सामग्री में करीब पच्चीस फीसदी चीन से और बाकी अपने देश में बनी सामग्री का उपयोग करते हैं। मालूम हो कि अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से तीन महीने में चमड़ा उद्योग को करीब ढाई हजार करोड़ का झटका लगा है, वहीं 500 करोड़ का माल फंसा है।
चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष असद कमाल इराकी ने बताया कि उन्नाव की चर्म इकाइयां हर साल औसतन दो हजार करोड़ रुपये और पूरे देश से औसतन दस हजार करोड़ के चमड़ा उत्पाद अमेरिका को निर्यात होते थे। 27 अगस्त 2025 को अमेरिका की ओर से भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने से चमड़ा निर्यात को बड़ा झटका लगा है। पिछले महीने 15 से 16 फीसदी कमी की चर्चा से कुछ उम्मीद दिखी थी, लेकिन वह भी धूमिल हो गई।
उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ उन्नाव चैप्टर के अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि फिलहाल यूएसए में व्यापार की संभावना नहीं दिख रहा है। लेकिन विकल्प के रूप में सामने आया है। रूस के अलावा यूके, दुबई, जापान व मुक्त व्यापार वाले अन्य यूरोपीय देशों में व्यापार बढ़ाने की कोशिश जारी है।