फोटो-28-शहर के सिविल लाइन में पटाखा जलाते लोग। संवाद
- फोटो : टूंडला स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीीपर कोच में चढ़ने का प्रयास करते रेलयात्री संवाद
उन्नाव। दिवाली के ठीक बाद बुधवार को (एयर क्वालिटी इंडेक्स) एक्यूआई 202 पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। सेहत के लिए 50 तक एक्यूआई बेहतर माना जाता है। आने वाले कुछ दिनों में वायु प्रदूषण और बढ़ने की संभावना है।
खराब एक्यूआई के साथ पीएम 10 यानी कणिकीय पदार्थ का स्तर 160.5 पहुंच गया। इससे शहरवासियों को सांस लेने में तकलीफ के साथ फेफड़े संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बढ़ रहे एक्यूआइ स्तर के नियंत्रण को लेकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग सक्रिय नहीं दिखाई दे रहा है।
सर्दी की शुरुआत होते ही एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) ने रफ्तार पकड़ ली है। इसकी रोकथाम के प्रयास प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से नाकाफी हैं। एक तरफ दिवाली पर करीब पांच करोड़ का पटाखा कारोबार हुआ।
इसका आबोहवा पर असर पड़ा। वहीं दूसरी ओर जनपद में बड़ी परियोजनाओं के निर्माण व पड़ी सामग्री की धूल भी इस हानिकारक स्तर को बढ़ावा दे रही है।
पांच औद्योगिक क्षेत्र में संचालित लगभग दो हजार कारखानों के धुएं के अलावा अन्य प्रदूषणकारी अवयव खुले में फेंकने के कारण शहर की आबोहवा बहुत ज्यादा खराब हो गई है। इसी कारण एक्यूआइ 202 पहुंच गया। जो खराब श्रेणी में दर्ज है। विभाग बढ़ते प्रदूषण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
इसी कारण प्रदूषण नियंत्रण विभाग की सुस्त कार्यशैली 15 अक्तूबर को हुई दिशा की बैठक में सांसद से लेकर विधायकों तक के निशाने पर रही थी। खराब हुई हवा को साफ बनाए रखने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं दिखाई दे रहे हैं।
फोटो-28-शहर के सिविल लाइन में पटाखा जलाते लोग। संवाद- फोटो : टूंडला स्टेशन पर सीमांचल एक्सप्रेस के स्लीीपर कोच में चढ़ने का प्रयास करते रेलयात्री संवाद