नवाबगंज (उन्नाव)। बक्तूखेड़ा गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका भतीजे की द्वारा रची गई हत्या की साजिश और पांच लाख की सुपारी देने से आहत हैं। बताया कि जिस भतीजे को बेटा माना, वह संपत्ति हथियाने के लिए यह हरकत करेगा, कभी सपने में नहीं सोचा था। बताया कि पैर में फ्रैक्चर होने और पित्त का ऑपरेशन कराने के बाद भी जब उनपर ध्यान नहीं दिया तो किनारा कर लिया था।
अजगैन कोतवाली के बक्तूखेड़ा गांव निवासी शिक्षिका शांति (62) पत्नी शंभू सिंह साल 2023 में सेवानिवृत्त हुई थीं। उन्होंने बताया कि दो जुलाई 2025 को हृदयगति रुकने से पति का निधन हो गया। संतान होने से वह घर पर अकेली रहती थीं। पति की मौत वाले दिन से ही भतीजा लकी और उसकी पत्नी (बहू) अंजली उर्फ (लड्डू) को देखभाल के लिए साथ रख लिया था।
मन लगा रहे लिए घर में ही परचून की दुकान खोल ली थी। बताया कि भतीजा और बहू, उनकी गाड़ी, रुपया और गृहस्थी उपयोग करते थे लेकिन जब कोई काम होता तो अनसुनी करते। कई बार जरूरत होने पर वह आवाज देने के बाद भी नहीं सुनते थे। पैर में फ्रैक्चर हो गया था, कुछ दिन पहले पथरी होने से पित्त का ऑपरेशन भी कराया था। चलने-फिरने में परेशानी में भी सहारा नहीं दिया।
बुजुर्ग के जैतीपुर मार्ग पर दूसरा घर बनवा रही हैं। 25 जुलाई को सुबह भतीजे लकी से जाकर काम देखने को कहा तो उसने विवाद किया और गुस्सा हो कर अपने पिता के घर चला गया। कई दिन न आने पर बहू को भी जाने को कह दिया था। बाद में लकी कई बार मोहल्ले में दिखा लेकिन उनके घर नहीं आया। पता नहीं था कि वह उनकी हत्या कराने की सजिश रच रहा है।
11 अक्तूबर को शाम करीब 7:30 बजे दुकान बंद करने के बाद गेट का चैनल बंद करने गई थीं, तभी हेलमेट लगाए बाइक सवार युवक राकेश आया, उस समय वह उसे नहीं जानती थीं। शक होने पर उससे पूछा भी था कि कहां रहते हो तो उसने गांव में ही किराए पर रहने की बात बताई। बाद में उसने झपट्टा मारकर चेन नोच कर भाग गया था। पीड़िता के भागते समय उसने जान से मारने की धमकी दी थी।
हत्या की सुपारी देने वाले पर इनाम घोषित करने की तैयारी
संपत्ति के लिए अपनी ही चाची की हत्या की सुपारी देने वाले भतीजे लकी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसकी ससुराल सहित सात जगह दबिश दी, पर वह नहीं मिला। सीओ ने उसपर इनाम घोषित करने के लिए रिपोर्ट एसपी को भेजी है। सोमवार को सीओ ने घर पहुंचकर पीड़ित बुजुर्ग शांति देवी का हालचाल भी लिया।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सीओ अरविंद चौरसिया ने पांच टीमें लगाई हैं। पुलिस ने आरोपी की ससुराल, लखनऊ निवासी रिश्तेदारों सहित सात स्थानों पर दबिश दी, हालांकि वह अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस करने के लिए उसके मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया लेकिन घटना के बाद से स्विच ऑफ है।
पुलिस को सूत्रों के जरिए पता चला है कि आरोपी, पुलिस से बचने के लिए न्यायालय में समर्पण करने की भी योजना बना रहा है। पुलिस टीमें इसे लेकर भी सतर्क हैं। सीओ ने बताया कि आरोपी पर घोषित करने के लिए एसपी को रिपोर्ट भेजी है। वहीं मुठभेड़ में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर राकेश श्रीवास्तव और साजिश में शामिल गांव के युवक बुद्धीलाल को पुलिस ने जेल भेज दिया है।