उन्नाव। अमृत योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन सोमवार को टेस्टिंग के दौरान कलक्ट्रेट रोड मोड़ पर फट गई। 18 इंच वाली लोहे की पाइप लाइन से करीब तीस मीटर ऊंचा फव्वारा उठने से अफरातफरी मच गई। बिजली के तारों पर पानी पड़ने और सड़क पर करंट फैलने का खतरा होने से बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। इस दौरान हरदोई रोड पुल तक जाम भी लगा। करीब डेढ़ घंटे में लाखों लीटर पानी बह गया।
शहर वासियों को शुद्ध पानी के लिए निर्माणाधीन 264 करोड़ की अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) योजना में जगह-जगह भ्रष्टाचार के फव्वारे फूट रहे हैं। शहर वासियों को जुलाई में शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद थी लेकिन डेढ़ महीने बाद भी जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई। जलनिगम जिन सात जोन का काम पूरा होने का दावा कर रहा है उनमें टेस्टिंग के दौरान एक महीने में 38 जगह पाइप लाइन फट चुकी है।
सोमवार को दोपहर करीब 12:30 बजे कलक्ट्रेट और कल्याणी मोहल्ला को जाने वाले तिराहे पर अचानक भूमिगत पाइप लाइन अचानक फट गई। काफी तेजी से पानी का बहाव शुरू हो गया। पानी का प्रेशर इतना ज्यादा था कि आसपास की सड़क की गिट्टी तक बाहर आ गई और पानी की बौछारें करीब 30 मीटर ऊंची उठने लगीं करंट फैलने के खतरे को देखते हुए लोगों ने पॉवर हाउस फोन करके आनन-फानन बिजली आपूर्ति बंद कराई। उधर सूचना मिलते ही जलनिगम ने शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर शुक्लागंज के पास संभरखेड़ा गांव स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) से जलापूर्ति रुकवाई। करीब डेढ़ घंटे तक पानी का रिसाव होने से आसपास के मार्ग पर जलभराव हो गया और यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित रही।
जानकारों का कहना है कि डब्ल्यूटीपी से शहर की सभी टंकियों में जलापूर्ति करने वाली पाइप लाइन घटिया डाली गई है। इससे अक्सर फट जाती हैं। सूत्रों के अनुसार जो पाइप लाइन फटी है 400 डाया मीटर (डेढ़ फिट व्यास) की है। मुख्य पाइप लाइन होने से इसे कम से कम 24 से 30 किलो प्रेशर क्षमता का पाइप लगाया जाना चाहिए, लेकिन कम क्षमता का पाइप होने से रिसाव और फूटने की समस्या आ रही है।
दो घंटे बंद रही कई मोहल्लों की बिजली
बिजली निगम के जेई मुकेश भारती ने बताया कि पाइप लाइन फटने से पानी की बौछार बिजली लाइनों से भी ऊपर जाने लगी थी। बिजली लाइन ट्रिप होने पर जानकारी हुई। इसके बाद ट्रांसफार्मर से कल्याणी और आसपास के मोहल्लों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। पानी बंद होने के बाद दोबारा तार जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई।
हरदोई पुल पर जाम, कचहरी पुल पर रेंगे वाहन
पानी की बौछार पूरी सड़क पर गिरने से करीब एक घंटे तक चार पहिया वाहन तो निकलते रहे लेकिन दो पहिया, ई-रिक्शा व अन्य खुले वाहन रुक गए। इससे कल्याणी रोड मोड़ से हरदोई रोड पुल जाम हो गया। उधर कलक्ट्रेट रोड की तरफ से ना जा पाने से वाहन कचहरी रोड पुल से निकलने लगे इससे यहां भी करीब आधे घंटे तक यातायात रेंगता रहा।
जलगनिगम और नगर पालिका एक दूसरे पर फोड़ रहे ठीकरा
पाइप लाइन फटने पर जलनिगम और नगर पालिका एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। जलनिगम के एक्सईएन पंकज रंजन झा ने बताया कि जिस जोन संख्या नौ में भूमिगत पाइप लाइन फटी है, वह जोन नगर पालिका को हस्तांतरित हो चुका है। उनका कहना है कि पाइप गुणवत्ता के अनुसार ही लगाए गए हैं। नगर पालिका कर्मचारियों ने इस पाइप लाइन से जुड़ी सभी टंकियों (ओवर हेड टैंक) के वॉल्व बंद कर दिए थे। उधर डब्ल्यू्टीपी से जलापूर्ति शुरू होने से पानी का अत्यधिक प्रेशर होने से यहां पर पाइप लाइन फट गई। उन्होंने सफाई दी कि पाइप लाइन का ज्यादा हिस्सा नहीं फटा है। छोटा सा क्रैक आया है, उसकी मरम्मत कराई जा रही है।
वहीं नगर पालिका के अभियंता विवेक वर्मा का कहना है कि जलनिगम से अभी केवल पानी की टंकियां (ओवर हेड टैंक) ही हस्तांतरित हुए हैं। पाइप लाइन आदि के रखरखाव आदि की जिम्मेदारी जलनिगम की ही है। उनका कहना है कि अभी तक अमृत योजना से कहीं भी सुचारु जलापूर्ति नहीं हो पाई है।
ये है योजना का हाल
शहर के सभी 32 वार्डों के 30,298 घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 2018 में 264 करोड़ की अमृत योजना मंजूर हुई थी। गंगा के पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) में साफ शुद्ध करके हर घर तक जलापूर्ति करने का लक्ष्य है। योजना के लिए मार्च 2025 में 13वीं बार 31 जुलाई तक की समय सीमा बढ़ाई गई थी लेकिन इसके बाद भी लक्ष्य के अनुरूप पानी नहीं दे पाई।
ऐसे रेंग रही योजना
अमृत योजना दिसंबर 2018 में शुरू हुई थी और जून 2020 तक पूरा करना था। लेटलतीफी पर जल निगम निर्माण एजेंसी को नोटिस देता रहा और हर बार काम पूरा करने की नई डेडलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, 31 दिसंबर 2023. 31 मार्च 2024, 31 अक्तूबर 2024 फिर 30 नवंबर 2024 तक इसके बाद मार्च 2025 और इसके बाद जुलाई 2025 तक योजना को पूरा करने और नगर पालिका को हस्तांतरित करने की समय सीमा दी गई लेकिन यह भी पूरी नहीं हो सकी।
लग चुका है 12.40 करोड़ जुर्माना
पेयजल की इस योजना में लगातार देरी और गड़बड़ी पर जल निगम ने निर्माण एजेंसी पर तीन बार जुर्माना की कार्रवाई की। सितंबर 2024 में लेटलतीफी पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगा। खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कराने व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और फिर लेटलतीफी को लेकर 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगा था।
फोटो- कलक्ट्रेट रोड मोड़ पर फटी भूमिगत पाइप लाइन से निकलता पानी का फव्वारा व लगा जाम। संवाद
फोटो- कलक्ट्रेट रोड मोड़ पर फटी भूमिगत पाइप लाइन से निकलता पानी का फव्वारा व लगा जाम। संवाद