फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: अमृत योजना में फूट रहा भ्रष्टाचार का फव्वारा

विज्ञापन
फोटो नंबर-26-सिविल लाइंस में पुलिस लाइन गेट के सामने फूटी भूमिगत पाइप लाइन। संवाद
विज्ञापन
उन्नाव। शहर वासियों को शुद्ध पानी के लिए निर्माणाधीन 264 करोड़ की अमृत योजना में जगह-जगह भ्रष्टाचार के फव्वारे फूट रहे हैं। शहर वासियों को जुलाई में शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद थी लेकिन तय समय सीमा के डेढ़ महीने बाद भी योजना पूरी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

जलनिगम जिन सात जोन का काम पूरा होने का दावा कर रहा है उनमें टेस्टिंग के दौरान एक महीने में 37 जगह पाइप लाइन फूट चुकी है। दोबारा चेक करने के बाद शहर के चार जोन हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को नगर पालिका ने खारिज कर दिया है। पालिका ने केवल दो जोन (जोन 6 और 7) ही लेने को तैयार है। शर्त यह भी है कि एक साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी जल निगम की ही होगी।
शहर के सभी 32 वार्डों के 30,298 घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 2018 में 264 करोड़ की योजना मंजूर हुई थी। गंगा नदी के पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) में साफ शुद्ध करके हर घर तक जलापूर्ति करनी है। छह साल से बन रही अटल मिशन आफ रेजूवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफोर्मेशन (अमृत) योजना के लिए मार्च 2025 में 13वीं बार 31 जुलाई तक की समय सीमा बढ़ाई गई थी लेकिन यह समय सीमा बीतने के डेढ़ महीने बाद भी शहर के लोगों को पानी नहीं दे पाई है।
विज्ञापन

जल निगम का दावा है कि दस में से सात जोन की टेस्टिंग पूरी हो गई है और तीन का काम अंतिम चरण में है। मार्च में जल निगम ने सात जोन हस्तांतरित करने के लिए नगर पालिका को फाइल भी भेजी लेकिन पाइप लाइनों में टूट-फूट और लीकेज का हवाला देते हुए पालिका ने जिम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया था। डीएम गौरांग राठी ने एडीएम न्यायिक अमिताभ यादव की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम बनाई थी।
टीम ने पहले चरण में चार जोन की खामियों को चिह्नित। जलनिगम ने इन चार जोन (जोन-6 शेखपुर, जोन-7 अकरमपुर, जोन-9,सिविल लाइंस और जोन-10 लोकनगर बंदूहार की खामियों को दूर करने के दावा करके फिर फाइल भेजी। नगर पालिका ने सिविल लाइंस क्षेत्र के दो जोन (नौ और 10) में पाइप लाइनों में कई जगह लीकेज होने का हावाल देते हुए केवल दो जोन (जोन छह और सात) को 90 फीसदी संतोषजनक बताया। पालिका अधिकारियों का कहना है कि इन दो जोन को लेने को तैयार हैं, बशर्ते एक साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी जल निगम ले।


सात साल से ऐसे रेंग रही योजना

264 करोड़ की यह योजना की दिसंबर 2018 में शुरुआत हुई थी और जून 2020 तक पूरा करना था। लेटलतीफी पर जल निगम ने निर्माण एजेंसी को नोटिस देती रही और हर बार काम पूरा करने की नई डेडलाइन तय होती रही। मार्च 2021, नवंबर 2021, जुलाई 2022, जनवरी 2023, मार्च 2023, अगस्त 2023, 31 दिसंबर 2023. 31 मार्च 2024, 31 अक्तूबर 2024 फिर 30 नवंबर 2024 तक इसके बाद मार्च 2025 और इसके बाद जुलाई 2025 तक योजना को पूरा करने और नगर पालिका को हस्तांतरित करने की समय सीमा दी गई लेकिन यह भी पूरी नहीं हो सकी।

एजेंसी पर लग चुका है 12.40 करोड़ जुर्माना

पेयजल की इस योजना में लगातार देरी और गड़बड़ी पर जल निगम ने निर्माण एजेंसी पर तीन बार जुर्माना की कार्रवाई की। सितंबर 2024 में लेटलतीफी पर 5.90 करोड़ रुपये जुर्माना लगा। खोदी गई सड़कों की मरम्मत न कराने व जिला प्रशासन को गलत रिपोर्ट देने पर जून 2023 में एक करोड़ रुपये और फिर लेटलतीफी को लेकर 21 नवंबर 2023 को 5.50 करोड़ रुपये जुर्माना लगा था। इसके बाद भी लापरवाही जारी है।
वर्जन...
पाइप लाइनें रोज कहीं न कहीं फूट जाती हैं। नगर पालिका कुछ महीने तक लगातार जलापूर्ति करे तभी इस परियोजना की जिम्मेदारी ली जाएगी। जलनिगम जिन चार जोन को पूरा बता रहा है उनमें भी दो जोन में अभी भी लीकेज हो रहे हैं। अभी केवल दो जोन लेने को तैयार हैं, शर्त है कि एक साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी जलनिगम या निर्माण एजेंसी ले। -श्वेता मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष

एक-डेढ़ साल से टेस्टिंग हो रही है लेकिन निर्बाध जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। शहर की जलापूर्ति व्यवस्था नगर पालिका के 24 ट्यूबवेलों के माध्यम से ही हो रही है। जिन जोन में लीकेज पूरी तरह खत्म हो गए हैं केवल उन्हीं की जिम्मेदारी ली जाएगी। पालिका के पास इतना बजट नहीं होता कि मरम्मत की जिम्मेदारी उठा सके। जिन जोन का काम लगभग ठीक है उन्हें लेने पर विचार किया जा रहा है। -एसके गौतम, ईओ नगर पालिका

शहर के दस में सात जोन पूरे हो चुके हैं। पानी का पूरा प्रेशर डाल कर टेस्टिंग की जाती है। जहां भी समस्या आई उसे ठीक करा दिया गया है। चार जोन को हस्तानांतरित करने के लिए नगर पालिका को फाइल भेजी गई है। जिन जोन में टेस्टिंग चल रही उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। -पंकज रंजन झा, एक्सईएन जलनिगम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें