सफीपुर (उन्नाव)। जिले के पहले सांसद विश्वंभर दयालु त्रिपाठी के नाम से मियागंज कस्बे में संचालित 75 साल पुराने वीडीटी इंटर कॉलेज का कोई पुरसाहाल नहीं है। विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर हो गई है। यहां न बिजली है और न ही छात्रों के लिए लैब। शिक्षकों की कमी होने से गृह विज्ञान, वाणिज्य और विज्ञान वर्ग के प्रवेश बंद कर दिए हैं। कला वर्ग में 700 छात्रों का नामांकन है। इस इंटर कॉलेज में छात्रों की कमी नहीं है, लेकिन अव्यवस्था के चलते तीन संकायों में प्रवेश बंद कर दिए गए हैं।
मियागंज कस्बा निवासी इरफान अली ने बताया सन 1951 में जटाशंकर ने संस्था बनाकर इस कॉलेज की स्थापना की थी। क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत न हो, इसके लिए प्रयास कर हाईस्कूल तक मान्यता ली। वर्ष 1971 में कॉलेज को इंटरमीडिएट तक की मान्यता मिल गई। इसमें एक हजार से अधिक छात्रों के प्रवेश हुए। क्षेत्र के साथ आसपास ब्लॉकों के बच्चे पढ़ने आने लगे लेकिन 25 साल सेवा देने के बाद कॉलेज प्रबंधक का निधन हो गया।
सहायता प्राप्त स्कूल होने के बाद परिवार के लोगों ने अधिक लगाव नहीं रखा, फिर प्रबंध कमेटी भी धीरे-धीरे भंग हो गई। इसके बाद स्कूल संचालन की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग को दे दी गई। अर्द्ध सरकारी स्कूल होने से बेसिक शिक्षा विभाग से भी अतिरिक्त बजट नहीं मिला परिणाम यह रहा कि भवन भी जर्जर हो गया। पढ़ने वाले छात्र हादसे का शिकार न हो जाएं इसलिए भवन का कुछ हिस्सा कंडम घोषित कराकर गिरा दिया गया।
स्कूल में ही मृतक आश्रित से नौकरी पाए दो कर्मचारियों ने अपने बजट से कार्यालय और एक कमरे का निर्माण कराया है। उसी में शिक्षक बैठने के साथ एक कमरे और स्कूल के कुछ सही बचे हिस्से में छात्रों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
कॉलेज से संबद्ध प्रबंधन कमेटी के नाम मौजूदा समय में 35 से 50 बीघा जमीन बताई जाती है लेकिन उस पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। कॉलेज स्टॉफ ने पांच साल पहले शिकायत की तो किसानों ने फसल का कुछ हिस्सा भी पहुंचाया था। कोई दबाव न होने से अब वह भी लाभ नहीं मिल रहा है।
फोटो-2- प्रधानाचार्य दारा सिंह। संवाद
सुविधाएं न होने से नहीं बच्चे नहीं लेते दाखिला
प्रधानाचार्य दारा सिंह ने बताया कि अर्द्ध सरकारी स्कूल होने से फीस का भी असर पड़ता है। छात्र प्रवेश के लिए तो आते हैं लेकिन भवन और शिक्षक न होने से दाखिला नहीं लेते हैं। स्कूल में बिजली कनेक्शन था लेकिन बिल जमा न होने से अधिकारियों ने कनेक्शन काटकर आरसी जारी कर दिया। मियागंज चौराहे के पास कालेज की कीमती जमीन की नीलामी कर बिल जमा कराया गया। इसके बाद से बिजली नहीं है।
फोटो-3 प्रिया। संवाद
लैब न होने से होती है परेशानी
कक्षा 12 की छात्रा प्रिया ने बताया कि काॅलेज में कोई लैब न होने से प्रायोगिक विषयों में दिक्कतें आती है। स्थिति यह है कि शिक्षक भी नहीं हैं, ऐसे में पढ़ाई भी सही से नहीं हो पा रही है। विज्ञान, गृह विज्ञान पढ़ने के लिए कई साथी छात्राएं हैं लेकिन प्रवेश नहीं ले पा रही हैं।
फोटो-4- कुमुद। संवाद
सुविधाएं न होने से पढ़ाई पर असर
इंटरमीडिएट की छात्रा कुमुद कहती हैं कि क्षेत्र का एक मात्र ऐसा कॉलेज है जहां कम खर्च पर पढ़ाई संभव हो पाती है लेकिन कॉलेज की दिन पर दिन दशा खराब होती जा रही है। सुविधाएं न होने से पढ़ाई पर इसका असर पड़ रहा है।
फोटो-1- विश्वंभर दयालु त्रिपाठी (वीडीटी) इंटर कॉलेज का जर्जर भवन। संवाद
फोटो-1- विश्वंभर दयालु त्रिपाठी (वीडीटी) इंटर कॉलेज का जर्जर भवन। संवाद
फोटो-1- विश्वंभर दयालु त्रिपाठी (वीडीटी) इंटर कॉलेज का जर्जर भवन। संवाद