पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक के परिजन। संवाद
उन्नाव। डूडा कॉलोनी में मामा की हत्या का आरोपी भांजा उमंग वारदात को अंजाम देने के बाद सात घंटे तक कमरे में रहा। जब नशा उतरा तो उसे अहसास हुआ कि उसने मामा की हत्या कर दी। फिर अपना जुर्म छिपाने के लिए नीचे उतरा तो पकड़ा गया।
दरअसल भांजा उमंग और मामा दीपनारायण कई सालों से साथ ही रह रहे थे। दीपनारायण ई-रिक्शा चलाता था। दोनों साथ बैठकर नशा करते थे। इसके बाद भी उमंग की मां के चाल-चलन को लेकर दोनों में आए-दिन विवाद होता था। पडोसियों के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पोस्टमार्टम पैनल में शामिल सीएचसी रसूलपुर रूरी के डॉ. शोएब अली और सीएचसी असोहा के डॉ. अरविंद कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें सिर और गर्दन पर कुल्हाड़ी या चापड़ जैसे धारदार हथियार से हमले के 10 गहरे जख्म मिले हैं।
उधर, हत्या की सूचना पर सीओ विनी सिंह, कोतवाल चंद्रकांत मिश्र और कांशीराम और सदर चौकी इंचार्ज फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की।
आवास बिल्लू ठाकुर के नाम... रहते थे मामा-भांजे
मृतक दीपनारायण की बहन सुधा ने बताया कि मकान किसी बिल्लू ठाकुर के नाम पर आवंटित है। बिल्लू कहां रहते हैं, इस बारे में उसे कुछ पता नहीं। सुधा ने बताया कि उसके भाई दीपनारायण ने मकान में रुपये लगाए थे। इसलिए बिल्लू ठाकुर किराया नहीं लेते थे।