फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: बुआ-भतीजी की हत्या का आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। पांच साल पहले असोहा में जहरीला पानी पिलाकर हमउम्र बुआ-भतीजी के हत्यारोपी को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। घटना के वक्त मौजूद चचेरी बहन ने आरोपी को घटनास्थल पर न देखने का बयान दिया है। अभियोजन पक्ष भी आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इस पर न्यायाधीश ने आरोपी को बरी कर दिया।
विज्ञापन


असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव निवासी सूरज पाल ने 18 फरवरी 2021 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 17 फरवरी की सुबह वह काम पर चला गया था। शाम करीब छह बजे लौटने पर पत्नी बिटोला ने बताया कि काजल, चचेरी बहन रोशनी और भतीजी कोमल चारा लेने खेत गई थीं लेकिन तीन घंटे बाद भी नहीं लौटी हैं। इस पर आस-पड़ोस व रिश्तेदारी में खोजबीन की लेकिन पता नहीं चल सका।

काफी देर बाद तीनों भाई सूर्यबली के खेत में बेसुध मिलीं। कोमल और काजल के गले में दुपट्टा लिपटा था और तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था। तीनों को कालूखेड़ा स्थित निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर दिया। इस पर सीएचसी लेकर पहुंचे। कोमल व काजल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रोशनी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल, फिर रिजेंसी रेफर कर दिया गया था।
विज्ञापन

प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। 20 फरवरी 2021 को पाठकपूरा निवासी विनय उर्फ लंबू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा था कि विनय ने एकतरफा प्रेम में रोशनी को जहरीला पानी पिलाकर मारने की साजिश रची थी लेकिन काजल और कोमल ने भी वही पानी पी लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई।



पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया था। मुकदमे के विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम, महेंद्र कुमार सिंह के न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों को पेश किए गए। घटना की एकमात्र जीवित बची गवाह रोशनी ने क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान आरोपी विनय उर्फ लंबू को घटना के समय घटनास्थल पर देखने से इन्कार कर दिया। इसके साथ ही पुलिस आरोपी के मोबाइल और घटनास्थल पर मिली बोतल की बरामदगी से जुड़े साक्ष्य भी साबित नहीं कर सकी। इस पर न्यायाधीश ने आरोपी विनय को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।


प्रमुख बिंदु

- एकमात्र जीवित गवाह रोशनी ने क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान आरोपी विनय उर्फ लंबू को घटना के समय घटनास्थल पर देखने से इन्कार, बताया कि विनय को पहली बार अदालत में देखा था।



- पुलिस ने जो की-पैड मोबाइल बरामद दिखाया, उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से पता चला कि वह मोबाइल घटना के अगले दिन दोपहर तक उपयोग में था। घटना के लगभग 12 दिन बाद झाड़ी से बरामद होने और उसके बाद भी सक्रिय पाए जाने से यह स्पष्ट हुआ कि उस मोबाइल को बाद में घटनास्थल पर प्लांट (प्रत्यारोपित) किया गया।

-जिस प्लास्टिक की बोतल के पानी में जहर मिलाकर पिलाने का आरोप था, उसकी बरामदगी 19 फरवरी 2021 और उससे संबंधित नक्शा नजरी तैयार करने में लगभग 20 दिन का अंतर था। इस बरामदगी के समय परिवार के सदस्य को स्वतंत्र गवाह के रूप में शामिल नहीं किया गया, जिससे बोतल की बरामदगी भी संदिग्ध साबित हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें