अमर उजाला की टीम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जमीनी परिवर्तनों को समझ रही है। इसी क्रम में टीम अब साहित्यिक नगरी उन्नाव पहुंची। यहां टीम ने सरकारी योजनाओं के लाभ से व्यवस्था में सुधार की पड़ताल की। उन्नाव के विकास को कितनी रफ्तार मिली, इसको भी लोगों के बीच जाकर समझा गया। साथ ही हाल में लोकार्पित हुए गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से जिले को कितना लाभ होगा, इस पर बात की गई। साथ ही अन्य मुद्दों को जाना गया।
क्या सरकारी योजनाओं के लाभ से सुधरी व्यवस्था?
इस सवाल का जवाब ढूंढते हुए हम ग्राम पंचायत दुआ पहुंचे। यहां के पंचायत सहायक अजय राजपूत ने बताया कि यहां आय प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृतक प्रमाण पत्र, विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, परिवार रजिस्टर नकल, राशन कार्ड, पैन कार्ड और लेबर कार्ड भी बन जाता है। दुआ ग्राम पंचायत जो है वह मुख्यमंत्री की तरफ से भी सम्मानित है। यह ग्राम पंचायत में एक लैब का निर्माण कराया गया है, जोकि उत्तर प्रदेश की दूसरी प्रयोगशाला है।
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उन्नाव के विकास को कितनी मिली रफ्तार?
उन्नाव में आखिर कैसे विकास की तस्वीर बदली है, कितना लोगों को फायदा हो रहा है। यह जानने के लिए हम मुर्तजा नगर पहुंचे। यहां के निवासी रत्नेश सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे जो बना है, इससे मेरठ या हरदोई जहां भी जाना होता था तो अब ये एक तो दूरी कम हो गई और समय भी कम लगता है। पहले बहुत खराब स्थिति थी। अब जाम भी खत्म हो जाएगा। अब रोजगार के नए अवसर बनेंगे क्योंकि यहां पर औद्योगिक गलियारा भी बन रहा है। काम भी शुरू हो गया है। कई फैक्टरियों का काम शुरू हो गया है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से कितना होगा जिले का लाभ?
यहां गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के बाद इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के काम में भी तेजी आई है। 132 हेक्टेयर के अंदर दो फेज में इस पूरे कॉरिडोर का निर्माण यहां पर चल रहा है। लखनऊ- कानपुर हाईवे से इसका सीधा जुड़ाव है। क्योंकि बिल्कुल उसी के किनारे इसे बनाया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के तहत इसका विकास हो रहा है। स्थानीय निवासी सुभाष चंद्र ने बताया कि मान चलिए 20 से 25000 लोगों को यहां पर रोजगार मिलेगा। हमारी पुरवा विधानसभा में दो-दो एक्सप्रेसवे निकल रहे हैं। एक कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे दूसरा गंगा एक्सप्रेसवे।
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