कोरारी हाल्ट के पास हुए रेल हादसे में क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक्टर को क्रेन से खंती के बाहर निकालवते आरपीएफ जवान।
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उन्नाव-रायबरेली रेलमार्ग पर शनिवार को हुए ट्रेन हादसे की जांच मंडल रेल प्रबंधक की देखरेख में शुरू हो गई है। पहले चरण की जांच में जेवी फर्म को विद्युतीकरण कार्य का टेंडर होने की बात सामने आई है। जांच टीम ठेकेदार व सुपरवाइजर का ब्योरा खंगाल रही है। आरपीएफ ओएचई पोल लगवाने वाले ठेकेदार व ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
उन्नाव-रायबरेली रेल मार्ग पर शनिवार को कोरारी हाल्ट से दो सौ मीटर पहले ओएचई (ओवर हेड इलेक्ट्रिक) लाइन के खंभों के लिए ट्रैक किनारे गिट्टी उतार रही ट्रैक्टर-ट्राली रायबरेली पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई थी। हादसे में एक जनरल कोच बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। चार यात्री घायल हो गए थे, जिसमें अचलगंज थाना क्षेत्र के इटौली गांव निवासी आदित्य चौधरी को सिर में गंभीर चोटें आईं थी। कानपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। रविवार को आरपीएफ इंस्पेक्टर श्रीनिवास मिश्रा ने टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया।
आरपीएफ ने खंती में पड़े क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर-ट्राली को क्रेन की मदद से निकलवाकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचाया। ट्रैक्टर के चेसिस नंबर के आधार पर वाहन मालिक व चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान ग्रामीणों ने कुछ मजदूरों के अमरसस गांव में एक किराए के मकान में रहने की जानकारी मिली। पुलिस ने दबिश दी मगर वहां कोई नहीं मिला। डीआरएम सतीश कुमार ने बताया कि रेल हादसे की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। जांच में विद्युतीकरण कार्य का टेंडर जेवी फर्म को मिलने की बात सामने आई है। फर्म निदेशक को भी तलब किया जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ ने इलेक्ट्रिकल विभाग को दी नोटिस
उन्नाव। आरपीएफ पोस्ट के सूत्रों की मानें तो प्रभारी निरीक्षक श्रीनिवास मिश्रा ने रविवार को रेलवे इलेक्ट्रिकल विभाग मंडलीय कार्यालय को नोटिस भेजी है। प्रभारी निरीक्षक ने विभागीय अधिकारियों से विद्युतीकरण कार्य की देखरेख में लगे कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है। हालांकि प्रभारी निरीक्षक ने विभागीय जांच के बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया।
जांच पूरी होने तक रोका गया काम
उन्नाव रायबरेली रेलमार्ग पर विद्युतीकरण कार्य पंद्रह दिनों से चल रहा है। विद्युतीकरण कौन सी एजेंसी करा रही है, सुपरवाइजर व ठेकेदार कौन है आदि के बारे में कोई भी जानकारी स्टेशन अधीक्षक विश्राम व आरपीएफ पोस्ट को नहीं दी गई है। स्टेशन अधीक्षक विश्राम ने विद्युतीकरण कार्य के बारे में किसी भी स्तर की जानकारी होने से इनकार किया है। उधर, डीआरएम ने जांच पूरी होने तक विद्युतीकरण कार्य रोक दिया है।