फोटो-4-एक्सप्रेसवे पर घटना के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को ले जाती क्रेन। स्त्रोत: यूपीडा कर्मी
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औरास (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर लोधाटीकुर गांव के पास मंगलवार सुबह छह बजे तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में युवती की दबकर मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। यूपीडा की एंबुलेंस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
फर्रुखाबाद जिले के थाना मऊ दरवाजा के मैलई गांव निवासी रामदेवी (21) पुत्री जहान सिंह अपनी दवा लेने मां जयदेवी (75), भाई शिवकुमार सिंह ( 32), चचेरे भाई राजेश (35), भतीजे हिमांशु (18), बहनोई अजीत (38) के साथ लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज जा रही थीं। गाड़ी आदेश (35)चला रहा था। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लोधाटीकुर गांव के पास चालक को झपकी आने से तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
घटना में रामदेवी की बोलेरो के नीचे दबकर मौत हो गई, जबकि अन्य सभी घायल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। मृतका के चचेरे भाई ने बताया कि रामदेवी के बचपन से ही हृदय के दोनों वाल्व खराब थे। उसका इलाज केजीएमयू में चल रहा था। दवा लेने के लिए सभी रात तीन बजे घर से निकले थे। मृतका रामदेवी पांच-भाई बहनों में सबसे छोटी थीं।
थानाध्यक्ष भवन सिंह मौर्य ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। क्षतिग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से किनारे करा दिया गया है।
चालक मान जाता बात तो शायद न होती घटना
औरास (उन्नाव)। मृतका के चचेरे भाई राजेश के मुताबिक, किराए पर बोलेरो लेकर आए थे। चालक कार तेज चला रहा था। घर से निकलने के बाद स्पीड बढ़ाने पर रास्ते में कई बार उसे गाड़ी धीमी चलाने के लिए टोका गया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। यही कहता रहा कि यह रोज का काम है, आराम से पहुंचा देंगे। आखिर में अनसुनी का परिणाम यह हुआ कि जिस बहन का इलाज करा इतने सालों तक जिंदा रखा उसकी सड़क हादसे में जान चली गई। वहीं अन्य लाेग भी घायल हो गए।