बिहार थाना क्षेत्र के गांव पितुआखेड़ा मजरे जप्सरा गांव निवासी रामबहादुर यादव उर्फ मुन्ना का पड़ोस में ही रहने वाले छोटे भाई भीमशंकर यादव से सहन की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। करीब एक महीने पहले रामबहादुर ने सहन का बंटवारा करते हुए दीवार बना ली थी।
दीवार बनाने के बावजूद रामबाबू ने भीमशंकर के घर की ओर निकास के लिए एक छोटा दरवाजा बना लिया था। बीते रविवार को मायके आई रामबहादुर की बेटी मौरावां कसबा निवासी आरती यादव (30) पत्नी मनीष यादव मंगलवार सुबह करीब आठ बजे चाचा भीमशंकर की ओर लगे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी।
आरोप है कि उसके चाचा भीमशंकर, चाची शिवदेवी और चचेरे भाई अश्वनी ने उधर से नहीं निकलने की बात कही और रास्ता बंद करने की चेतावनी दी। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरती ने विरोध किया तो भीमशंकर ने अपनी लाइसेंसी बंदू के ताबड़तोड़ तीन गोली मार दी।
गोली चलने की आवाज और आरती की चीख सुनकर उसकी मां सरोजनी, भाई शैलेंद्र और नीरज मौके पर पहुंचे। हत्यारोपी ने उनपर भी गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद आरोपी घर की छत पर चढ़ गया और लोगों को पास आने पर गोली मारने की धमकी देता रहा।
कुछ देर बाद पुलिस मौके पहुंची तो हत्यारोपी ने समर्पण कर दिया। मृतका के सबसे छोटे भाई सुनील ने चाचा भीमशंकर, चाची शिवदेवी और चचेरे भाई अश्वनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने हत्यारोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयोग की गई लाइसेंसी दो नाली बंदूक भी कब्जे में ले ली है जबकि तीसरा आरोपी फरार है। बिहार थानाध्यक्ष मनोज मिश्रा ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। साथ ही तीसरे हत्यारोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।