घंटों धूप में तपने के बाद पेड़ की छांव में राहत लेते होमगार्ड जवान।
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पिछले महीने एसपी ने ट्रैफिक सिपाहियों को छतरी और पानी की बोतल देकर गर्मी से राहत दिलाने की कोशिश की थी। वह तपती दोपहर में ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले होमगार्डों को भूल गईं। ऐसे में कड़क धूप से बचने के लिए इन्हें पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ रहा है।
अमर उजाला ने धूप में ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक जवानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसकेे बाद गंभीर हुईं एसपी ने ट्रैफिक पुलिस के जवानों को छतरी और पानी की बोतल दी थी। अफसरों को होमगार्डों तरस नहीं आया । यह सूरज की तपिश में ड्यूटी करते हैं। ट्रैफिक सिपाहियों के साथ ही होमगार्ड जवानों की भी ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में ड्यूटी लगाई जाती है।
सिपाही सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 से रात 8 बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हैं। यातायात व्यवस्था में लगे होमगार्ड जवानों को पूरे दिन, खासकर दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक धूप में सड़क पर खड़े होकर ड्यूटी करनी पड़ती है। दैनिक भत्ता पर काम कर रहे इन होमगार्ड जवानों की मुश्किल को अफसर नहीं देख रहे हैं। यातायात प्रभारी जेएन सिंह ने बताया कि जिस समय तेज धूप होती, उस समय सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक नहीं रहता है।