पाटन(उन्नाव)। बिहार थाना क्षेत्र के गोबहरा गांव में किसानों द्वारा शनिवार को प्राथमिक विद्यालय में करीब 250 छुट्टा मवेशियों को बंद करने के मामले में किसानों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज हुई हैं। रविवार मवेशियों को छोड़ने के प्रयास पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुए हंगामे पर स्कूल के प्रधान शिक्षक व लेखपाल ने अलग-अलग तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बिहार थाना क्षेत्र के गोबरहा गांव में फसलें नष्ट होने से बचाने के लिए किसानों ने एकजुट होकर सैकड़ों मवेशियों को प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया था। रविवार को एसडीएम व सीओ बीघापुर की मौजूदगी में किसानों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की ओर से की गई मारपीट व धक्कामुक्की किए जाने की घटना में बिहार थाना पुलिस ने दो अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज की हैं। पहली रिपोर्ट स्कूल के प्रधान शिक्षक दिनेश कुमार ने दर्ज कराई है। उन्होंने 25 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर लोकसेवक पर हमला, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वहीं, लेखपाल विश्व दीपक ने भी 25 नामजद व 100 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रविवार को हंगामे के दौरान गिरफ्तार किए गए किसानों में बीना, पुष्पा, माया, सुंदारा, गोपिका, फूलचंद्र व सुजीत को पुलिस ने देर रविवार देर रात निजी मुचलके पर छोड़ दिया। एसओ बिहार विकास कुमार पांडेय ने बताया कि जिस समय हंगामा हो रहा था, उसकी वीडियोग्राफी कराई गई है। वीडियो फुटेज की जांच के साथ ही अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई व अज्ञात लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
छुट्टा मवेशियों को स्कूल में बंद करने वाले किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी पर सोमवार को सपा जिलाध्यक्ष व एएलसी के साथ कई सपाई गांव पहुंचे। उन्होंने किसानों से मुलाकात की। उन्होंने किसानों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
सपा एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि प्रशासन छुट्टा मवेशियों को आश्रय स्थलों में नहीं पहुंचा पाया। इस भीषण पाले में किसानों ने फसलों को बचाने के लिए मवेशियों को स्कूल में बंद कर दिया तो उन्हीं का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि किसानों पर जुल्म किए गए तो छुट्टा मवेशियों को अधिकारियों के कार्यालयों या उनके आवासों में बंद करेंगे। किसानों की आवाज दबाने के लिए दर्ज की गई एफआईआर खत्म करने की मांग की।
सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कहा कि किसानों पर दर्ज किए मुकदमे पुलिस को वापस ही लेने होंगे। इसके लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
गोबराहा गांव के स्कूल परिसर घायल पड़ी एक गाय को कर्मियों ने लाठी-डंडे मार कर भगाने का प्रयास किया। मीडिया के लोग पहुंचे तो सुबह 10 बजे पशु चिकित्सक पहुंचे और उपचार करने के बजाए उसे उठाकर स्कूल परिसर के बाहर बबूल की झाड़ी में फेंकवा दिया। जानकारी होने पर सपाईयों ने उन्नाव शहर स्थित हनुमंत जीव आश्रय के लोगों को बुलवाकर गाय भेजवाया।
करीब दस घंटे तक पुलिस की हिरासत में रहने के बाद निजी मुचलके पर छूटे किसानों की पुलिस की बबर्र बताकर रो पड़े। पिटाई से किसान फूलचंद्र की हालत खराब है। सपा नेताओं को शरीर में छपे पुलिस के डंडों के निशान दिखाते हुए बताया कि उसका दोष सिर्फ इतना था कि वह स्कूल में बंद मवेशियों को देखने गया था। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने उसे इलाज कराने के लिए पांच हजार रुपये भी दिए।
बीघापुर सीओ एके राय ने बताया कि किसानों के उत्पीड़न करने जैसी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।