घटना के बाद बदहवास हो गईं घर की महिलाएं
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बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा मेें स्नान करते समय चचेरे भाई डूब गए। पुल निर्माण में लगे मजदूरों ने एक का शव बरामद कर लिया । दूसरे का पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया। देर शाम तक सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमे रहे। चचेरे भाई एक सप्ताह पहले गर्मी की छुट्टी में गांव आए थे।
बारासगवर थाना क्षेत्र के गढे़वा गांव निवासी राजबहादुर का पुत्र रोहित (16) शनिवार सुबह आठ बजे गांव के लोगों के साथ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए निकला था। रोहित को जाता देख चचेरा भाई संदीप (9) पुत्र संजय भी गंगा स्नान की जिद करने लगा। इस पर गांव के लोगों के साथ दोनों चचेरे भाई गंगा स्नान करने केे लिए पहुंचे। स्नान के दौरान संदीप गहराई में चला गया। उसे डूबता देख रोहित बचाने के लिए उसकी ओर बढ़ा । तेज धार में खुद को संभाल न पाने से वह भी डूबने लगा। बच्चों का शोर सुनने के बाद भी गांव के लोग नदी में कूदने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
सभी की आंखों के सामने दोनों बच्चे पानी में समा गए। पुल पर काम रहे मजदूरों ने नदी में छलांग लगा बच्चों को ढूंढने की कोशिश शुरू की। मशक्कत के बाद मजदूरों ने रोहित का शव बरामद कर लिया। संदीप का कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी पर बच्चों के परिजन रोते-बिलखते हुए घटनास्थल पर पहुंचे। रोहित का शव देख मां राधा बेहोश हो गईं। एसओ प्रदीप यादव ने शुक्लागंज के गोताखोरों को मौकेे पर बुलाया। दोपहर 2 बजे मौके पर पहुंचे गोताखोरों ने संदीप को खोजने के लिए मशक्कत शुरू की। शाम 6 बजे तक संदीप का पता नहीं चल सका।