उन्नाव। किशोर से कुकर्म करने के दो दोषियों को न्यायाधीश ने 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 13 दिसंबर 2017 की शाम उसका नाबालिग बेटा चाट टिक्की लेने की बात कहकर घर से बाहर निकला था। रास्ते में भवानीखेड़ा निवासी महेंद्र और राजू ने उसे रोक लिया। दोनों उसके बेटे को चाट टिक्की दिलवाने की बात कहकर बहला-फुसलाकर खेत में ले गए और उसके साथ कुकर्म किया था।
काफी देर बाद घर लौटे बेटे ने घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसआई जावेद अख्तर ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर 29 मार्च 2018 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा लंबे समय से पाक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय-12 में विचाराधीन था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने दलील व साक्ष्य के आधार पर महेंद्र और रामू को दोषी मानकर सजा सुनाई।
आर्म्स एक्ट में दोषी पर लगा एक हजार का जुर्माना
उन्नाव। आर्म्स एक्ट के 15 साल पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंधूपुर गांव निवासी शाकिर अली को आठ मार्च 2009 को पुलिस ने चाकू के साथ पकड़ा था। पुलिस ने दोषी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा में कार्रवाई की थी। मुकदमे के विवेचक रमेश सिंह चौहान ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश रुचि श्रीवास्तव ने दलील व साक्ष्य के आधार पर शाकिर को दोषी मानकर एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। (संवाद)