गंजमुरादाबाद। कथावाचक पं. सुनील शास्त्री ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन परास्त नहीं हो सकता। सत्य की विजय अवश्य होती है और असत्य को हार का सामना करना पड़ता है। इसलिए मनुष्य को सत्य मार्ग पर ही चलना चाहिए।
ग्राम लहरापुर स्थित नवस्थापित शिव मंदिर में भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक ने गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि एक बार देवराज इंद्र ने श्रीकृष्ण को नीचा दिखाने का प्रयास किया। इंद्र ने बेमौसम भारी बरसात की जिससे चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई देने लगा।
यहां तक कि गोकुल चारों ओर पानी से घिर गया और डूबने की कगार पर पहुंच गया। लोग भगवान श्रीकृष्ण से सुरक्षा की गुहार लगाने लगे। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने एक उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठा लिया और सभी लोग उस पर्वत के नीचे पहुंच गए। इंद्र को अपनी गलती का अहसास कराया। आयोजक राजेंद्र सिंह और घनश्याम ने बताया कि आगामी 11 मार्च को शिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग की स्थापना की जाएगी।