विवेचना तत्कालीन सीओ पुरवा रामविलास ने की और घटना के सभी दोषियों के खिलाफ 25 अगस्त 2001 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। मंगलवार को अभियोजन पक्ष से मनोज कुमार पांडेय की दलीलों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-दो एससीएसटी एक्ट अल्पना सक्सेना ने दोषी पाते हुए तीनों को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई।