जाम ने राहगीरों को फिर तड़पने को मजबूर कर दिया।
शुक्रवार की देर रात कानपुर से लखनऊ जा रहे मौरंग लदे ट्रक का गुल्ला टूटने
से शुरू हुआ जाम दो बसों के खराब हो जाने से और विकट हो गया।
कानपुर-लखनऊ
राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 12 घंटे तक जाम लगा रहा। तकरीबन 15 किमी लंबे
जाम में हजारों लोग फंसे रहे। चिलचिलाती धूप में राहगीर पानी को तरस गए।
काफी मशक्कत के बाद शनिवार को दोपहर दो बजे जाम खुल सका।
शुक्रवार
रात करीब दो बजे दही चौकी के आगे सोनिक पावर स्टेशन के पास लखनऊ की ओर जा
रहे मौरंग लदे ट्रक का गुल्ला टूट गया। ट्रक बीच रास्ते में खड़ा हो गया।
इससे पीछे आ रहे वाहनों की रफ्तार थम गई।
कुछ ही देर में वाहनों की
लाइन लगने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वन-वे कर वाहनों को गुजारना शुरू
कर दिया। इसके बाद जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। नवाबगंज से उन्नाव आरओबी
तक करीब 15 किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। ट्रक को हटाने के लिए मंगाई
गई क्रेन भी जाम में फंस गई।
लखनऊ की ओर से आ रहे राहगीरों ने
अजगैन होते हुए मोहान-हसनगंज होकर कानपुर जाने के किए रुख किया। उन्हें
करीब 25 किमी की दूरी अतिरिक्त तय करनी पड़ी। कानपुर की ओर से आ रहे
राहगीरों ने अचलगंज की ओर से मुड़कर पुरवा रोड की ओर रुख किया। यहां भी 15
किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
कानपुर की ओर जा रहे राहगीर
गंगा बैराज और बांगरमऊ से बिल्हौर मार्ग होते हुए कानपुर तक पहुंचे। जाम के
दौरान दो रोडवेज बसें भी खराब हो गईं।
इन्हें बड़ी मुश्किल से
किनारे कराया गया। इन बसों के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गयी। 43
डिग्री सेल्सियस को भी पार कर चुके तापमान के बीच वाहनों से उड़ती धूल ने
राहगीरों को वाहनों के अंदर ही तड़पा दिया। दोपहर करीब दो बजे ट्रक को बीच
रास्ते से हटाने के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।