उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर हादसे कम करने की कवायद में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तीन ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना व जाम बाहुल्य स्थान) पर पुल बनाने की तैयारी कर ली है। प्राधिकरण की लखनऊ यूनिट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर केंद्रीय कार्यालय ने डिजाइन और बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अनुसार दही चौकी तिराहा पुल की लंबाई बढ़ाई जाएगी। नवाबगंज व आशा खेड़ा में नए पुल बनेंगे। इन पर 1.30 अरब रुपये खर्च आएगा।
कानपुर जाजमऊ से लखनऊ सीमा तक जिले में कुल लंबाई 82 किलोमीटर है। इस दायरे में चार दुर्घटना बाहुल्य स्थान चिह्नित हुए थे। कानपुर-लखनऊ को उन्नाव-रायबरेली हाईवे से जोड़ने वाले गदनखेड़ा बाईपास चौराहे पर अप्रैल 2024 में बनने के बाद इस ब्लैक स्पॉट पर हादसे कम हुए हैं। वहीं, दही चौकी तिराहा, नवाबगंज कस्बा और आशा खेड़ा में पुल बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
एनएचएआई की योजना के अनुसार हाईवे को उन्नाव-पुरवा मार्ग से जोड़ने वाले दही चौकी तिराहा पर केंद्रीय विद्यालय के सामने पहले से बने पुल की लंबाई को करीब पांच सौ मीटर बढ़ाई जाएगी। पुरवा मोड़ पर अंडरपास बनेगा। उन्नाव से पुरवा, मौरावां से मोहनलालगंज के रास्ते लखनऊ जाने-आने वाले वाहन इसी अंडरपास के नीचे से और कानपुर व लखनऊ की ओर आवागमन करने वाले वाहन सीधे पुल से जाएंगे।
यही स्थिति नवाबगंज कस्बे की है। यहां नवाबगंज कस्बा मार्ग के अलावा ब्लाक कार्यालय और पीएचसी, हाईवे से सटी है। यहां भी अक्सर हादसे होने के साथ ही चौतरफा यातायात होने से हाईवे का यातायात प्रभावित रहता है। पुल बनने से हाईवे का यातायात सुगम होगा। (संवाद)