हसनगंज। मोहान नगर पंचायत में पक्के घरों में रहने वालों ने गरीबों के लिए बनाए गए आसरा आवास हथियाने का प्रयास किया। आवंटन से पहले हुई जांच में 285 में से 225 आवेदक अपात्र पाए गए। कई आवेदक ऐसे भी हैं जो प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ ले चुके हैं। जांच टीम ने आवेदन निरस्त करने के लिए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी है।
नगरीय क्षेत्र के भूमिहीन बेघरों को पक्का घर देने के लिए प्रदेश सरकार ने मोहान नगर पंचायत में 468 आसरा आवासों का निर्माण कराया है। 25 वर्ग मीटर में एक आसरा आवास बनाया गया है। इसमें कमरा, किचन, शौचालय भी है। पूर्व में आवास आवंटन के लिए डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) में 285 लोगों ने आवेदन किया था। आवेदकों की पात्रता की जांच के लिए डूडा ने हसनगंज तहसील प्रशासन को पत्र भेजा था। एसडीएम रामदेव निषाद ने जांच टीम गठित की थी।
नायब तहसीलदार प्रज्ञा अग्निहोत्री, कानूनगो विनय त्रिपाठी, लेखपाल प्रशांत मिश्रा व शशि शेखर ने आवेदनों का सत्यापन किया। जांच में 225 आवेदक अपात्र पाए गए हैं। इनमें अधिकांश के पास अपना पक्का मकान है। कुछ ने प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ लिया और कई के पास ट्रैक्टर, खेतिहर भूमि, आवासीय प्लाट भी होने की पुष्टि हुई है। केवल 30 आवेदक ही आसरा आवास के लिए पात्र पाए गए। इन 30 आवेदकों के पास न पक्का घर है और न ही घर बनाने के लिए जमीन। नायब तहसीलदार ने बताया कि अधिकांश आवेदक अपात्र मिले हैं। सत्यापन रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जा रही है।