उन्नाव। इस बार भी शहरवासी बारिश में खस्ताहाल सड़कों पर लड़खड़ाएंगे। लंबे इंतजार के बाद शहर के एक लाख लोगों को राहत देने के लिए 209 सड़कों को बनाने के लिए मंजूरी मिली थी। 21 करोड़ की लागत से दिसंबर और फरवरी के बीच स्वीकृत हुए मार्गों के निर्माण की शुरुआत करने में चार महीने लग गए। अभी चार दिन में करीब 50 सड़कों को बनाने की शुरुआत हुई है। इन मार्गों को पूरा होने में तीन महीने लगेंगे। इससे पहले बारिश शुरू हो जाएगी और काम पूरा करने में मुश्किल होगी। ऐसे में शहरवासियों को आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ेगी। (संवाद)
शहर को हरदोई रोड को जोड़ने वाले मार्ग का किया शिलान्यास
उन्नाव। शहर के छोटा चौराहा को लोकनगर क्राॅसिंग होते हुए हरदोई मार्ग को जोड़ने वाले 700 मीटर लंबे इंटरलॉकिंग मार्ग का काफी इंतजार के बाद रविवार को शिलान्यास किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने 72 लाख की लागत से बनने वाली इस सड़क का पूजन और शिलान्यास कर निर्माण कार्य की शुरुआत कराई। उन्होंने बताया कि काफी दिनों से शहर के लोग इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे। बताया कि यह मार्ग शहर के छोटा चौराहा को हरदोई मार्ग पर कब्बाखेड़ा तिराहा के पास जोड़ता है। सड़क बनने से शहर में जाम की समस्या से भी काफी राहत मिलेगी। बड़ा चौराहा और सदर बाजार में जाम होने पर वाहन इस मार्ग से शहर और हरदोई की तरफ जा सकेंगे। अध्यक्ष के प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा, सभासद निशेष जायसवाल ,दीपक दीक्षित, शिव वरन कुशवाहा ,पूर्व सभासद राम नरेश ,अनिल सिंह ,जीकेमिश्रा आदि मौजूद रहे। (संवाद)
जाम से बचाने वाले दो मार्ग बनने का इंतजार
उन्नाव। शहर के आईबीपी चौराहा से लखनऊ-कानपुर हाईवे जाने वाला कासिम नगर मार्ग कई साल से जर्जर है। नगर पालिका ने एक साल पहले 400 मीटर में इंटलॉकिंग बिछवाई थी। लेकिन बीच में 200 मीटर सड़क नहीं बनाई गई। इसके लिए दिसंबर 2024 में नगर पालिका ने 10 लाख रुपये मंजूर किए थे। सड़क बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई गई। हालांकि अभी तक इस मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। मालूम हो कि इस सड़क से वाहन सवार शहर के बाहर से ही हाईवे पहुंचते हैं। देरी होने से मानसून से पहले इसके बनने पर संशय है। (संवाद)
अनवार नगर मार्ग का 165 मीटर हिस्सा पांच साल से अधूरा
उन्नाव। नगर पालिका चौराहा के पास से अनवार नगर होते हुए लखनऊ-कानपुर हाईवे और नवीन मंडी जाने वाले मार्ग का 165 मीटर हिस्सा लगभग पांच साल से अधूरा पड़ा है। नगर पालिका की बोर्ड बैठक में सभासदों की ओर से मुद्दा उठाने के बाद इसे बोर्ड ने स्वीकृति दी थी। कार्ययोजना में शामिल करते हुए 15 लाख का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा था। पालिका ने इसकी भी टेंडर प्रक्रिया मार्च में पूरी कर ली थी। हालांकि काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। पालिका के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। लेटलतीफी होने से बारिश से पहले इसके बनने पर संदेह है। (संवाद)
कोट
तीन महीने में पूरा कराएंगे काम : पालिका अध्यक्ष नगर पालिका क्षेत्र की 209 जर्जर सड़कें बनवाई जाएंगी। ऐसा पहली बार हुआ है कि सभी 32 वार्डों की खराब पड़ीं सड़कों को एक साथ बनवाया जा रहा है। निर्माण तीन महीने पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कुछ गली-मोहल्लों की छोटी सड़कें बचेंगी, उन्हें अगली कार्ययोजना में शामिल करके बनवाया जाएगा। प्रयास है कि शहर के किसी गली-मोहल्ले की सड़क खराब न हो, ताकि लोगों को आवागमन में परेशान न हो।
- श्वेता मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष
छोटे काम बारिश से पहले पूरा होंगे : ईओ
स्वीकृत हुईं सभी सड़कों का निर्माण तीन महीने के अंदर पूरा कराया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि जो छोटे काम हैं उन्हें बारिश से पहले ही पूरा कर लिया जाए। ताकि लोगों को समस्या ना हो। जो सड़कें सबसे ज्यादा खराब हैं, उनके लिए पालिका की बोर्ड बैठक में सभासदों के प्रस्ताव के आधार पर कार्ययोजना बनाई गई है। प्रयास है कि सभी का निर्माण तय समय में पूरे कर लिए जाएं।
- एसके गौतम, नगर पालिका ईओ