इस बार जिले को 81,000 मीट्रिक टन (एमटी) का भारी भरकम गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। टारगेट देख खरीद से जुड़े विभाग के अधिकारियों के अभी से पसीने छूटने लगे हैं। तीन सालों में लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत खरीद नहीं हो पाई है। इसको देख इस बार लक्ष्य पूरा हो सकेगा इसको लेकर अभी से संशय जताया जाने लगा है।
मालूम हो कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है। इसके लिए जिले में 46 क्रय केंद्र खोले गए हैं। प्रदेश सरकार ने शनिवार को खरीद का लक्ष्य भी जारी कर दिया। लक्ष्य के तहत जिले को इस बार 81,000 एमटी गेहूं खरीदना होगा। खाद्य विपणन विभाग के सूत्रों की मानें तो वर्ष 2013 में गेहूं खरीद धड़ाम रही थी। लक्ष्य दिया गया था 69 हजार मीट्रिक टन का और खरीद हुई थी मात्र 2404.26 मीट्रिक टन की। यह कुल लक्ष्य का मात्र 3.48 फीसदी रहा था। वर्ष 2014 में जिले में सबसे कम गेहूं खरीद का रिकार्ड बना था।
उस वर्ष गेहूं खरीद औंधे मुंह गिरी थी। जिले को 51700 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया था। 30 जून तक चली खरीद प्रक्रिया में लक्ष्य के सापेक्ष खरीद का कांटा 1308.42 मीट्रिक टन पर ही अटक गया और मात्र 2.53 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका था। वर्ष 2015 में खरीद का लक्ष्य 35 हजार एमटी का था, लेकिन खरीद 8261 एमटी ही हो सकी थी। पिछले साल 2016 में 55,000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज 4450 एमटी यानि लक्ष्य का चार प्रतिशत ही गेहूं खरीदा जा सकी थी। हालांकि वर्ष 2012 में गेहूं खरीद के सारे रिकार्ड टूट गए थे।
उस वर्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे के बाद कई अफसरों पर गाज गिरी थी। जिसके परिणाम स्वरूप तत्कालीन अधिकारियों ने तेजी दिखाते हुए शत प्रतिशत खरीद कर ली थी। उस साल 58 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य था। अधिकारियों ने 62 हजार मीट्रिक टन की खरीद की थी। पिछले पांच साल के खरीद के रिकार्ड को देखते हुए इस बार लक्ष्य की पूर्ति होने पर अभी से संशय दिखने लगा है। खरीद 15 जून तक चलेगी।
एजेंसीवार खरीद का लक्ष्य
एजेंसी खरीद लक्ष्य (एमटी में)
विपणन शाखा 15000
पीसीएफ 27000
एसएफसी 20000
कक निगम 5000
यूपी एग्रो 6000
एफसीआई 8000
पहले दिन सन्नाटे में रहे केंद्र
उन्नाव। गेहूं खरीद के पहले दिन सभी केंद्र सन्नाटे में रहे। किसी भी केंद्र में बोहनी तक नहीं हो सकी। मौरावां प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र के साधन सहकारी समिति हिलौली व पीसीएफ गोदाम मौरावां में एक भी किसान क्रय केंद्र नहीं आया। हिलौली समिति प्रभारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि दोपहर तहसीलदार पुरवा बंसतलाल गुप्ता ने क्रय केंद्र हिलौली का निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी ने बताया कि अभी विभाग से खरीद संबंधी सामग्री प्राप्त नहीं हुई है। बांगरमऊ प्रतिनिधि के अनुसार, कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में गेहूं खरीद के दो केंद्र खोले गए हैं।
इनमें से एक भारतीय खाद्य निगम का तथा दूसरा विपणन शाखा का है। एफसीआई के प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए बोरा, बारदाना व इलेक्ट्रानिक कांटे की व्यवस्था कर ली गई है। विपणन शाखा की प्रभारी कुमुद त्रिपाठी ने बताया कि गेहूं खरीद की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, खरीद के पहले दिन विकासखंड के चमियानी, बनिगांव व तुसरौर क्रय केंद्रों में सन्नाटा दिखा।