थानाक्षेत्र के छड़उआखेड़ा मजरे टिकरी पदमरा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लगी आग से दो दर्जन से अधिक घर जल गए और उसमें रखी लाखों की गृहस्थी जलकर स्वाहा हो गई। आग की लपटें देख ग्रामीण दौड़े और फायर स्टेशन को सूचना देने के साथ ही खुद भी आग बुझाने की कसरत में जुट गए। घटना के एक घंटे बाद दो दमकल पहुंची और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मामले की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर मौके पर पहुंची।
छड़उआखेड़ा मजरे टिकरी पदमरा गांव निवासी कन्हई की पत्नी ने मंगलवार दोपहर को खाना बनाकर बच्चों को खिलाया और दरवाजा बंद करके खेत पर चली गई। कुछ ही देर में उसके घर से आग की लपटें निकलने लगीं। जब तक आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते तब तक हवा के तेज झोंको से आग विकराल हो गई और पास के घसीटे, जगदीश, शिवरतन, रामप्रसाद, विशंभर, कन्हई, सुक्खी, कल्लू, राकेश, रामगोपाल, रामलाल, बाबू, गोपाल, राधे, सुखराम, राजू, अंगने, नन्हक्के, तुलसी, राजाराम, बग्गड़, सोनू, रामनाथ, भोला, अंगाना, बंशी, कमलेश व सुनीता आदि के घरों तक पहुंच गई।
आग से इन घरों और इसमें रखी गृहस्थी को राख कर दिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों से आग पर पानी डालना शुरू किया लेकिन उससे आग पर कोई असर नहीं हुआ। किसी ग्रामीण ने फ ोन से फ ायरब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद फ ायरब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। वहीं थानाध्यक्ष मो.अशरफ पुलिस फ ोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे व आग बुझाने में ग्रामीणों की मदद करने लगे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सूचना मिलते ही एसडीएम सदर मेघा रूपम व तहसीलदार व सीओ बीघापुर आरके चतुर्वेदी घटनास्थल पर पहुंच गए। क्षेत्रीय लेखपाल ने प्रत्येक घर से तीस से पचास हजार रुपये के नुकसान की संभावना जताई है। किसी प्रकार की जान-माल की कोई घटना नहीं हुई।
गांव में धुआं और मची रही चीख पुकार
आग से 30 घरों का सबकुछ जलाकर नष्ट कर दिया। इस घटना में किसी के पास तो शरीर पर पहने कपड़ों के अलावा खाने या पहनने के लिए कुछ भी नहीं बचा। पूरे गांव में धुआं व चीख पुकार ही गूंज रही थी। जिसने भी यह मंजर देखा वह दंग रह गया। आग लगने का कोई ठोस कारण ग्रामीण नहीं बता पाए। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि कटरी क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। शुक्र इस बात का रहा कि अभी तक लोगों की फ सलें कट कर घर नहीं आई वरना पूरे साल बच्चे दाने-दाने को मोहताज हो जाते। ग्राम प्रधान ने अग्निकांड से पीड़ित परिवारों को भोजन मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
औरास में सिलाई की दुकान में लगी आग से कपड़े जले
औरास। सिलाई की दुकान में शाटसर्किट से लगी आग से करीब डेढ़ लाख के कपड़े जलकर राख हो गए। गांव गांगन निवासी रामूसैनी पुत्र रमाकांत सैनी की गांव में ही सिलाई का बड़ा कारोबार है। शाम को वह प्रेस बोर्ड में लगा छोड़कर दुकान बंद करके घर चला गया था। जब मंगलवार सुबह नौ बजे दुकान खोलने आया तो अंदर का नजारा देख बेहोश हो गया। होश में आए राम सैनी ने दुकान में रखे सैकड़ों लोगों के सिले कपड़े जलकर राख होने की बात कही है।