उन्नाव। भविष्य में एक सड़क का दो बार निर्माण दिखाकर पैसा हड़प नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने बनने वाले मार्गों की जियो टैगिंग कराने का आदेश दिया है। इसके तहत जो भी मार्ग बनेगा उसकी पहले फोटो खींचकर विभागीय वेबसाइट पर लोड करनी होगी।
पीएमजीएसवाई( प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) के तहत बनने वाली सड़कों के रिकॉर्ड में अभी तक केवल आरंभ व समाप्त बिंदु दिखाया जाता था। इससे इस बात की संभावना रहती थी कि दोनों बिंदुओं को आपस में बदल कर या एक, दो स्थान इधर उधर करके उसी सड़क का दोबारा निर्माण दिखा पैसा निकाल लिया जाता था। अब इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने मार्गों का जीओ टैग कराने का आदेश दिया है। इससे गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले मार्गों के निर्माण व मरम्मतीकरण में अब हेरफेर करना आसान नहीं होगा।
सभी मार्गों की जीओ टैगिंग होने से निर्मित मार्ग का दोबारा निर्माण दिखा नहीं किया जा सकेगा। टैगिंग होने से शुरुआत की फोटो और काम समाप्ति की फोटो अपलोड करनी होगी। इनके मार्ग में पड़ने वाले अस्पताल, विद्यालय, सरकारी निर्माण व धार्मिकस्थल सबका ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा। अधिशासी अभियंता बीके राजपूत ने बताया कि जीओ टैगिंग होने से सेटेलाइट प्रक्रिया से आनलाइन ही मार्ग की स्थिति देखी जा सकेगी। एक निर्धारित समयावधि तक उस सड़क पर दोबारा निर्माण नहीं कराया जा सकेगा। जीओ टैग से डुप्लीकेसी भी रुकेगी। सड़कें भी गुणवत्तापूर्ण ढंग से बनेंगी।