बीघापुर के धमनीखेड़ा में आयोजित कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते वाणीपुत्र।
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बीघापुर(उन्नाव)। विकासखंड के ग्राम धमनीखेड़ा स्थित मां कालिका देवी प्रांगण में होली मिलन समारोह एवं हास्य परिहास कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें मुख्य अतिथि जिला महामंत्री आशीष बाजपेई अटल ने शिरकत की। आयोजक ग्राम प्रधान सत्यानंद शुक्ला ने कवियों व अतिथियों को अंगवस्त्र का प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
हास्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ निवासी संजीव तिवारी पिंटू की वाणी वंदना से हुआ। उन्होंने पढ़ा कि बड़ी दुत्कार पावा मां अपनाएं लीन्हेव, बिगड़ी किस्मत मां हमारि बनाए दीन्हेव। सुरेश फक्कड़ ने गीत को दर्द का व्याकरण चाहिए, आपके जोश को आचरण चाहिए, फि र अंधेरे शरारत पर आए उतर, देश को आज फि र जागरण चाहिए पढ़कर खूब तालियां बटोरीं। मैनपुरी के कवि विनोद राज योगी ने जैसे ही ‘बाबाजी के पास में आया एक आदमी रोता-रोता, मेरी पत्नी को समझा दो वह सोती मैं कपड़े धोता, बाबा बोले धूर्त कहीं के बुद्धि से पैदल रट्टू तोता, पत्नी को ही समझा लेता तो मैं ही क्यों बाबा होता’ पंक्तियां पढ़ी तो लोगों ने तालियां बजाते हुए हौसलाफजाई की।
सेमरी रायबरेली से पधारी मांडवी मिश्रा ने बेटियों को महान बताते हुए पढ़ा कि बेटियां ही सुख का सागर है, बेटी अमृत की गागर है, बेटियों से ही संसार है बिन बेटी सूना घर-बार है। इलाहाबाद के कवि राधेश्याम भारती ने लेक्चरर प्रोफेसर नहीं कोई खास सा मिले, अपना लगे अपनत्व का एहसास सा मिले, तब तो यह नई पीढ़ी शिवाजी की तरह हो, जब इसको गुरु कोई रामदास सा मिले पढ़कर गुरु महिमा का बखान किया। सभाजीत द्विवेदी, चंद्रकिशोर सिंह व डा. विनय तिवारी विनीत ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेशचंद्र मिश्र बैसवारी ने की। सूर्य कुमार मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेश बाजपेई, प्रभात सिंह, इंद्रभूषण शुक्ला, संतोष बाजपेयी, देवा शुक्ला, विकासदत्त तिवारी व रविशंकर शुक्ला भी मौजूद रहे।