बीघापुर(उन्नाव)। दरिंदगी की शिकार हुई बच्ची के परिजनों व ग्रामीणों में पुलिस के प्रति इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि बेटी के साथ हुई घटना की सूचना उन्हें दो घंटे बाद दी गई।
भाई ने बताया कि घटना करीब शाम चार बजे की है। गांव के युवक ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने एंबुलेंस से बच्ची को गांव के बाहर से उठाकर पहले सीएचसी फिर वहां से जिला अस्पताल पहुंचाया। उन्हें जब सूचना दी गई तब बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर समय से सूचना दे दी जाती तो शायद बच्ची उन्हें इस कृत्य करने वाले के बारे में जानकारी दे देती। इसे लेकर गुरुवार को पुलिस को परिजनों व ग्रामीणों कई आरोप झेलने पड़े। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उस समय बच्ची का अच्छे से अच्छा इलाज करना और जान बचाने का प्रयास करना पहली कोशिश थी।
दरिंदगी की शिकार हुई मासूम इलाज के दौरान करीब छह घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ती रही लेकिन आखिर में उसकी सांसें उखड़ गईं। शाम को हुई घटना के बाद बच्ची की हैलट अस्पताल में रात करीब 10 बजे मौत हुई थी।
नृशंस घटना को अंजाम देने वाले तक पहुंचने के लिए पुलिस उन ग्रामीणों के मोबाइल फोन भी खंगाल रही है जिन्होंने फाग के दौरान उसके वीडियो भी बनाए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों के मोबाइल से अभी तक 25 वीडियो क्लिप मिले हैं। उनकी बारीकी से जांच की जा रही है। वीडियो क्लिप में कई ऐसे चेहरे भी सामने आए हैं जिनकी गतिविधि संदिग्ध है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ऐसे कौन-कौन से चेहरे हैं जो फाग के दौरान रहे हैं। वह कौन सा चेहरा है जो उस घटना के दौरान गायब रहा और फिर अचानक नजर आया। किसकी गतिविधि संदिग्ध रही।
गांव पहुंचे सपा के प्रतिनिधि मंडल ने मृतका के परिवार को 25 लाख रुपये सहायता और भाई को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। सपा के पांच सदस्यीय दल में जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, एमएलसी सुनील साजन, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला, जिला महासचिव सुरेश पाल व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष देशराज पटेल गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष को देगा। बताया कि पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।
दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की मौत के बाद डीएम रवींद्र कुमार ने पीड़िता के पिता से मिलकर शासन की तरफ से मिलने वाली 5 लाख की सहायता राशि का चेक दिया। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर हर संभव मदद का भरोसा देते हुए आश्वासन दिया कि रानी लक्ष्मीबाई राहत कोष से 10 लाख की सहायता राशि दी जाएगी।
दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की मौत के बाद कांग्रेस का नामित प्रतिनिधि मंडल पूर्व सांसद राकेश सचान व जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह के नेतृत्व में मृतका के घर पहुंचा और परिजनों से मुलाकात की। परिवार को आश्वासन दिया कि न्याय न मिलने तक वह लड़ाई में साथ देंगे। उनके साथ कानपुर छावनी से विधायक सोहेल अंसारी व अन्य कांग्रेसी नेता शामिल रहे।
वहीं, नागरिक एकता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. शमीम ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इंसाफ न मिलने तक लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया। उनके साथ राष्ट्रीय सचिव नईम अंसारी, उमर खान, जिलाध्यक्ष संजय कुमार गौतम, मो. अनीश सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बिहार थानाक्षेत्र में हुई घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। गुरुवार को अधिवक्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध किया और दिनभर कार्य से विरत रहे। एसोसिएशन अध्यक्ष की अध्यक्षता में शोकसभा भी हुई। इस दौरान हनुमंत जीव आश्रय के सदस्य भी शामिल रहे।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष दीप नारायण त्रिवेदी ने कहा कि अधिवक्ता इस घटना की निंदा करते हैं। बच्ची के साथ हुए इस अत्याचार से जनता में भय व्याप्त हो गया है। पुलिस घटना का जल्द खुलासा करे और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के साथ उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। हम सभी पीड़िता के परिवार के साथ हर वक्त खड़े हैं। शोक सभा में शिवचरण मौर्य, अनुराग बाजपेई, सुधांशु शेखर शुक्ल, मनोज तिवारी, दुर्गाशंकर यादव, राजीव अवस्थी, किशनपाल सिंह, सौरभ शुक्ला, रामसिंह यादव सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।