उन्नाव/अजगैन/नवाबगंज। केंद्र सरकार अब फसलों के 33 प्रतिशत नुकसान पर भी मुआवजा देगी। इसके अलावा भारत सरकार मुआवजा राशि भी बढ़ाने जा रही है। यह जानकारी केंद्रीय संयुक्त सचिव डॉ. आशीष भूटानी ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि पहले 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर ही मुआवजा दिया जाता था। ओलावृष्टि व बारिश से हुए नुकसान के बाद केंद्र सरकार ने इसे घटाकर 33 प्रतिशत कर दिया है। बताया कि मुआवजा राशि में भी बढ़ोत्तरी होने जा रही है। खेतों के स्थलीय निरीक्षण में संयुक्त सचिव ने 70 से 80 प्रतिशत फसलों का नुकसान पाया। टीम ने पाया कि नुकसान से बहुत कम किसानों को क्षतिपूर्ति मिली है बहुत से नाम छूट गए हैं।
बुधवार करीब 12 बजे केंद्रीय कृषि मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी डॉ. आशीष भूटानी, ग्रामीण मंत्रालय की डॉ. वंदना, वित्त मंत्रालय के राजीव कुमार एवं प्रदेश सरकार के एम सिंह नवाबगंज पंछीविहार पहुंचे। टीम के पहुंचने के पहले जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, एडीएम, एसडीएम हसनगंज, लेखपाल व तहसील कर्मचारियों की पूरी टीम पहुंच चुकी थी।
जैसे ही टीम पहुंची वैसे ही सदस्यों ने विकासखंड के रहमतपुर ददान के किसानों के खेतों में बोई गई फसलों के नुकसान का जायजा लिया। जहां किसानों ने बताया कि नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। जबकि क्षतिपूर्ति बहुत कम मिली है अधिकतम क्षतिपूर्ति 9000 से अधिक की नहीं रही है।
किसानों ने टीम को बताया कि प्रदेश सरकार ने 26 फरवरी एवं 15 मार्च को हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान की अभी तक क्षतिपूर्ति नहीं की है। इसके बाद टीम ने राजमार्ग के किनारे मिश्रीगंज के पास ख्वाजगीपुर के एक खेत का भी निरीक्षण किया।
संयुक्त सचिव ने बताया कि वह इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने डीएम से कहा कि किसानों को फसली ऋण का भी लाभ दिलाया जाए। इस दौरान डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 50 प्रतिशत से ज्यादा फसलों के नुकसान का सर्वे करा लिया गया है। 25 से 50 प्रतिशत के नुकसान का सर्वे का काम अंतिम चरण में है। दोपहर 3 बजे टीम कानपुर को रवाना हो गई।