सोमवार रात आंधी-पानी ने जमकर तबाही मचाई। हादसों में चार की जान चली गई व कई घायल हो गए। शहर में हुए जलभराव ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। तूफान से पेड़ उखड़ने से रास्ते जाम और विद्युत लाइनें व पोल गिर गए। शहर में 23 स्थानों पर विद्युत तार टूटकर गिरे।
जिससे जिला अस्पताल समेत शहर की बिजली आपूर्ति करीब बीस घंटे से ठप है। एक्सईएन कार्यालय के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से अभी तक तार व लाइन टूटने की 650 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गिरे पेड़ रात से लेकर सुबह तक शहर व हाईवे पर जाम का कारण बने।
आंधी के चलते शहर में एसपी कार्यालय, न्यायालय भवन और डीएम आवास के पास पेड़ उखड़कर बिजली की लाईनों पर गिरने से तार टूट गए। जिससे सिविल लाइंस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति मंगलवार शाम तक ठप रही।
पुलिस लाइन के पास पेड़ गिरने से हाईटेंशन लाइन का तार पोल से उतरकर जमीन पर आ गया। हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय के पास चार पेड़ उखड़ गए। इससे प्रियदार्शिनी नगर फीडर की 33 केवीए लाइन टूट जाने से जिला अस्पताल समेत पूरे क्षेत्र की बिजली ठप है। लगातार 21 घंटे तक जिला अस्पताल की बिजली गुल रहने से मरीज बिलबिला उठे।
देर रात हाईवे पर पेड़ गिरने से काफी देर तक जाम लगा रहा। वन विभाग ने पेड़ हटवाए इसके बाद सुबह यातायात पूरी तरह सामान्य हो पाया। हरदोई मार्ग और लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर भी कई जगह गिरे पेड़ यातायात के लिए मुसीबत बने रहे।
करीब दो घंटे हुई बारिश ने नगर पालिका के दावों को भी पोल खोल दी। नाली-नालों की सफाई को लेकर किए जा रहे दावों की हकीकत सामने आई और लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा। आईबीपी चौराहा, एसपी कार्यालय, डीएम आवास, ईदगाह कालोनी, आदर्शनगर, एबी नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव होने से लोग सुबह तक मुश्किलों से जूझते रहे।
जिला अस्तपाल के ड्ेन पाइप चोक होने से सोमवार रात मरीजों और तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खिड़की दरवाजों में कुंडियां न होने से हवा के झोंकों के साथ पानी की बौछार ने मरीजों और उनके बिस्तरों को भिगो दिया।