फोटो-29- सिंघूपुर ग्राम पंचायत के बाहर ट्रांसमिशन टॉवर से निकली लाइन। स्रोत: ग्रामीण।
उन्नाव। शहर के पास सिंघूपुर ग्राम पंचायत में शनिवार शाम को बिजली करंट से झुलसे बच्चों के मामले में 24 घंटे बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में करंट के कारणों की पड़ताल नहीं हो सकी। वहीं मामले में ट्रांसमिशन लाइन के ट्रिप होने की जानकारी आई है। इस दौरान आपूर्ति भी बाधित हुई थी। हालांकि कानपुर-सोनिक लाइन होने से जनपद की बिजली व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई थी। अधीक्षण अभियंता ने पतंगबाजी में प्रयोग किए गए चाइनीज मांझा के लाइन में छूने से करंट लगने की संभावना जताई है।
शनिवार शाम करीब पांच बजे सिंघूपुर में विद्युत लाइन में उतरे करंट से दो बच्चे झुलस गए थे। मामले में वितरण और ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन के अधिकारियों ने एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाली थी। ट्रांसमिशन एक्सईएन ने लाइन ट्रिप न होने की बात कहकर इसे विभागीय मानने से इन्कार कर दिया था जबकि वितरण एक्सईएन ने लाइन को ट्रांसमिशन का ही बताया था। घटना के 24 घंटे बाद भी मौके पर न तो ट्रांसमिशन के अधिकारी पहुंचे और न ही वितरण के। वितरण के विभागीय सूत्रों के मुताबिक लाइन ट्रांसमिशन की थी। शाम करीब पांच बजे से 11 बजे तक ट्रिप भी हुई थी। हालांकि लाइन कानपुर के रीवर साइड पावर हाउस (आरपीएच) की थी इसलिए यहां पर आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई थी।
ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन कानपुर डिवीजन के जेई जितेंद्र यादव ने बताया कि लाइन का रखरखाव उनका विभाग करता है। लाइन ट्रिप होने की सूचना पर वह रात में पहुंचे थे लेकिन घटनास्थल की जानकारी न होने से वहां पर पहुंच नहीं पाए थे। बताया कि लाइन ट्रिप हुई थी। कानपुर में अन्य वैकल्पिक लाइनों से आपूर्ति बहाल रखी गई थी। दावा किया कि उनकी लाइन नीचे नहीं लटक रही है।
चाइनीज मांझा के लाइन में छूने की आशंका
अधीक्षण अभियंता अमिय कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांसमिशन की 2,20,000 वोल्ट की लाइन सोनिक से कानपुर गई है। लाइन के तार 11 मीटर ऊंचे टॉवरों से निकले हैं। तार के जमीन में छूने के आरोप सही नहीं है। जानकारी हुई है कि बच्चे पतंग उड़ा रहे थे। आशंका है कि चाइनीज मांझा लाइन में छूने से करंट उतरा होगा और चपेट में आकर बच्चे झुलस गए होंगे। मामले की जानकारी देने के लिए एक्सईएन ट्रांसमिशन कानपुर से संपर्क का प्रयास किया था लेकिन बात नहीं हो सकी थी।