बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में सत्र खत्म होने को है और अब अधिकारियों को शिक्षा की गुणवत्ता याद आई है। इस सत्र की पहली बैठक बीएसए ने बीईओ, एबीआरसी व संकुल प्रभारियों के साथ डायट के स्काउट गाइड भवन में की। बता दें कि गुणवत्ता संवर्धन को लेकर वर्ष 2015-16 की बीएसए की ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ पहली बैठक है।
ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए बीएसए कौस्तुभ कुमार सिंह ने कहा कि टीचर को अपने स्कूल में ऐसा कार्य करना चाहिए ताकि वह अपने उच्चाधिकारी को स्वयं बार-बार बुलाकर वहां की उपलब्धियां गिनाएं। इससे टीचर का तो मनोबल बढ़ता ही है साथ ही अधिकारी भी दूसरे टीचर को इससे प्रोत्साहित करते हैं। स्कूल का वातावरण जितना अच्छा होगा उतना बच्चे भी उन्नति करेंगे। उन्होंने कहा कि इस जिले में कभी भी मुख्यमंत्री आ सकते हैं, इसलिए जितना भी अच्छा हो सके टीचर करने का प्रयास करें। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए 46 बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इन्हीं बिंदुओं पर काम किया जाना है। तीस सितंबर तक का छात्र आंकड़ा निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराया जाए। नवीन मान्यता के आवेदन पत्रों की कमियों में क्या निस्तारण हुआ इसकी जांच आख्या प्रस्तुत की जाए। हाउस होल्ड सर्वे व नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तक वितरण की सूचनाएं जल्द से जल्द दी जाएं। तहसील स्तरीय एमडीएम टास्क फोर्स के बैठक की कार्रवाई एवं निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराई जाए। अच्छे व गोद लिए स्कूलों की क्या स्थिति है इसकी सूची बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराए जाने के साथ ही निरीक्षण एवं गुणवत्ता संवर्धन पर चर्चा की। बीईओ मुख्यालय राजेश सिंह ने एबीआरसी व संकुल प्रभारी से जिले में जल्द आए बीईओ का परिचय कराया और उत्साह से काम करने की सीख दी।