ईओ नगर पालिका गंगाघाट से वार्ता करते जलनिगम के अधिकारी।
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गंगा को स्वच्छ रखने के लिए नगर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजल समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए वाटर ट्रीटमेंट बनना है। कार्य पूर्ण करने के लिए जलनिगम ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके लिए लखनऊ जलनिगम अधिकारियों ने एसटीपी व डब्लूटीपी स्थलों का निरीक्षण किया। बताया कि 277 करोड़ से दोनों प्लांट बनाए जाने हैं। साथ ही तीन जोन में पानी की चार टंकियों का निर्माण होगा। धन आवंटन के लिए शासन को रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है।
नगर पालिका ईओ उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जलनिगम लखनऊ द्वारा चंपापुरवा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व कटरी के शक्ति नगर मोहल्ले में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। कार्य को जल्द पूर्ण करने के लिए काम शुरू हो गया है।
मंगलवार को लखनऊ जलनिगम के एई निखिल प्रसाद व जेई आसिफ खान ने स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि 294 करोड़ से दोनों प्लांट बनने थे, लेकिन अब 277 करोड़ से प्लांट बनेंगे। चूंकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होने वाली पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य अभी शामिल नहीं गया है। इसके चलते लागत में कमी आई है।
बताया कि पाइप लाइन बिछाने के लिए अभी रूट चार्ट नहीं बना है और कई जगह अवरोध पड़ने की बात सामने आ रही है। इसे प्लांट बनने के साथ ही पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया कि तीन जोन के अंतर्गत चार पानी की टंकियाें का निर्माण होना है, जिसमें जोन एक में 2300 किलोलीटर, जोन दो में 1800, जोन तीन में 2300 व दो हजार लीटर की पानी की टंकियों का निर्माण होना है। एई निखिल कुमार ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है। जैसे ही धन आवंटित हो जाएगा, वैसे ही प्लांट के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।