कानपुर-लखनऊ रेल खंड के गंगापुल पर टर्फ बदलने का कार्य केवल 18 दिन में ही पूरा कर दिया गया। अभी स्लीपर पर मुख्य रेल लाइन बिछने के काम बाकी है। तय अवधि में मरम्मत कार्य पूरा करने के लिए 50 और मजदूरों को लगाया गया है। ताकि ट्रायल के लिए रेलवे विभाग को अधिक से अधिक समय मिल जाए। डाउन रेल पथ पर कुल 127 टर्फ बुधवार शाम तक बिछा दिए गए हैं।
बताते चलें कि गंगाघाट पुल पर 11 नवंबर से टर्फ बदलने का कार्य शुरू हुआ था। जिसमें दो दिन काम समझने में अधिकारियों और मजदूरों को निकल गए और कोई कार्य नहीं हो सका था। इसके बाद शेष 18 दिन में कानपुर छोर से गंगाघाट रेलवे स्टेशन तक पुराने टर्फ हटाकर नए टर्फ डाल दिए गए। डिप्टी रेल ब्रिज इंजीनियर राकेश कुमार ने बताया कि टर्फ के साथ ही स्लीपर बिछाने का कार्य भी साथ में ही किया जा रहा था। जिस कारण कार्य जल्द निपटाने में उन्हें सफ लता मिली। अब केवल मुख्य रेल लाइन और चकरेल बिछाने का कार्य शेष है। जिसमें चकरेल का कार्य लगभग आधे पुल तक हो गया है। जिसके बाद सिंगल सिग्नल सिस्टम को डबल करने व ओएचई लाइन चालू करने के लिए कार्य किया जाएगा।
कोशिश है जल्द रिलीफ मिले- चीफ इंजीनियर
चीफ इंजीनियर ब्रिज एम.पी. सिंह बुधवार दोपहर गंगाघाट रेलवे स्टेशन पहुंचे यहां से वह ट्राली से रेल गंगापुल पहुंचे और टर्फ बदलने के कार्य का निरीक्षण किया। कार्य से संतुष्टि जाहिर करते हुए उन्होंने मातहत अधिकारियों की प्रशंसा की। यहां उन्होंने बताया कि वह कार्य से संतुष्ट है और उम्मीद है कि वह समय से पहले कार्य को समाप्त कर लेंगे और डाउन ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। पूरी कोशिश है कि जल्द लोगों को राहत मिल सके।