उन्नाव। इस खरीफ सीजन से अनुदान पर बीज लेने में नई व्यवस्था लागू की गई है। किसानों को बीज खरीद पर डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अनुदान देने की व्यवस्था खत्म की गई है। अब बीज भंडार में खरीदारी करते समय अनुदान की राशि काटकर पैसा जमा करना होगा।
सरकार किसानों को अनुदान पर बीज उपलब्ध कराती है। पूर्व में किसान को राजकीय बीज भंडार से अनुदानित बीज लेने पर पहले पूरा पैसा जमा करना होता था। इसके बाद डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी का पैसा किसानों के खातों में भेजा जाता था। कभी कभार सब्सिडी का पैसा पाने में किसानों को महीनों लग जाते थे। इससे किसान परेशान होते थे। इसी कारण किसानों ने सरकारी बीज से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।
इसे संज्ञान में लेकर शासन ने सब्सिडी खाते में भेजने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इस खरीफ सीजन में शासन से धान की विभिन्न प्रजातियों का 937 क्विंटल बीज मिला है। इसमें नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। यह बीज लेने के लिए किसानों को सब्सिडी काटकर ही पैसा जमा करना होगा। बीज पर 50 फीसदी अनुदान मिलेगा।
किसान का पंजीकरण होना अनिवार्य
राजकीय बीज भंडार से बीज लेने पर किसानों का कृषि विभाग में पंजीकरण अनिवार्य रूप से होना चाहिए। जो किसान सम्मान निधि पा रहे हैं उनके लिए पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं है। अन्य किसान यदि पंजीकृत नहीं हैं तो उन्हें पहले खतौनी व आधार आदि देकर पंजीकरण कराना होगा। किसानों को 30 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर पर बीज ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाकर दिया जाएगा।
धान बीज की प्रजाति व भाव प्रति क्विंटल
प्रजाति आधारीय (भाव) प्रमाणित (भाव) अनुदान
सीएसआर-76 4330 4193 50 प्रतिशत
पीआर-126 4330 4193 50 प्रतिशत
डीआरआर-42 4330 4193 50 प्रतिशत
सांभा सब-1 4360 4223 50 प्रतिशत
शियाट्स धान-2 4360 4223 50 प्रतिशत
शियाट्स धान-4 4360 4223 50 प्रतिशत
एचयूआर-917 6780 6534 50 प्रतिशत