पिता-पुत्र का शव देख बेहाल परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीण परिजन।
- फोटो : पिता-पुत्र का शव देख बेहाल परिजन, रिश्तेदार व ग्रामीण परिजन।
चकलवंशी (उन्नाव)। सड़क हादसे का शिकार हुए पिता-पुत्र के शव लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर रात घर पहुंचे तो परिजन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उधर अस्पताल में भर्ती सियादुलारी को पति और बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई। घर में मौजूद मनीषा पति और ससुर की मौत से सुधबुध खो बैठी। बुधवार सुबह एक साथ दोनों शवों का परियर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती माखी थानाक्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी सियादुलारी को चार अगस्त को उनके पति धर्मपाल और बेटा गोविंद बाइक से देखने गए थे। रात में बाइक से लौटते समय लखनऊ के काकोरी थानाक्षेत्र के दौलीखेडा गांव के पास डंपर की टक्कर से पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। एक साथ दो मौतों से परिवार के लोग बेहाल हैं। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार देर शाम दोनों शव घर पहुंचते ही परिजन बेहाल हो गए।
उधर लखनऊ ट्रामासेंटर में भर्ती सियादुलारी पति और बेटे की मौत से अभी अनजान हैं। उन्हें घटना का अभी पता न चल सके इसलिए दो बेटे सुबह ही मां के पास अस्पताल पहुंच गए। पति गोविंद और ससुर का शव देख मनीषा बार-बार बेहोश होती रही। दो साल की बेटी राधिका को गोद में लिए बैठी रही। पिता-पुत्र की कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। दोनों की मौत से परिवार का सहारा छिन गया।