हल्की बारिश के साथ जिले के कई विकास खंडों में गिरे ओलों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। इससे गेहूं समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। किसान प्रकृति की मार से भयभीत नजर आ रहे हैं।
शनिवार सुबह तो आकाश में बादल छाए थे, लेकिन 10 बजे के बाद मौसम पूरी तरह से खुल गया। दोपहर बाद फिर से अचानक मौसम में बदलाव हुआ और आसमान में बादल छा गए। कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई। जिले के औरास, बांगरमऊ व मोहान क्षेत्र में छोटे व बड़े आकार के ओले गिरने लगे। हालांकि ओले गिरना कुछ ही देर में बंद हो गए, लेकिन जितनी भी देर तक ओले गिरे उतने समय तक किसान परेशान हो गए। कृषि विभाग के जानकारों की मानें तो मौजूदा समय में गेहूं की फसल पकने की कगार पर पहुंच चुकी है।
यदि इस समय प्रकृति की मार पड़ेगी तो सारी फसल नष्ट हो सकती है। गेहूं के अलावा अभी फसलों को भी इससे नुकसान ही होगा। जिला कृषि अधिकारी यतींद्र सिंह ने बताया कि अब बारिश और ओले गिरने से रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं समेत अन्य फसलों को भी खासा नुकसान हो सकता है।
बारिश से जमींदोज हुई गेहूं की फसल
गंजमुरादाबाद। मौसम के बिगड़े मिजाज से शुक्रवार और शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रही है। इससे गेहूं की फसल जमीन पर गिर जाने से किसानों में मायूसी छा गई है। मौजूदा समय में गेहूं की फसल में बाली आ चुकी है। बाली आ जाने से पौधे का ऊपरी हिस्सा वजनदार हो गया है। उधर दो दिनों से बिगड़े मौसम के मिजाज के कारण शुक्रवार और शनिवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश से अधिकांश खेतों में गेहूं की फसल गिर गई। इससे गेहूं में ज्यादा नुकसान होने की आशंका बन गई है।