उन्नाव। नरमुंडों की जांच के लिए पोस्टमार्टम ड्यूटी में लगाए गए डाक्टरों को लगाया गया था। इससे मोर्चरी में पोस्टमार्टम रुका रहा। संदिग्ध हालात में मृत मिले अधेड़ रिक्शा चालक के पोस्टमार्टम में देरी से नाराज मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में जमकर हंगामा किया।
नाराज लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद तत्काल डॉक्टर को बुलाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
शहर के मोहल्ला बुधवारी निवासी पुत्तन सोनकर (55) रिक्शा चालक था। रोज की तरह गुरुवार को भी वह रिक्शा लेकर घर से निकला था। रात करीब ग्यारह बजे शहर के मोहल्ला कलक्टरगंज फाटक में रिक्शे पर मृत मिला। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही मृतक की जेब से मिले कागजात से उसकी शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी।
रात करीब बारह बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शुक्रवार सुबह पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। मृतक के परिजन दो बजे तक पोस्टमार्टम हाउस खुलने और पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते रहे। जब ढाई बजे तक पोस्टमार्टम हाउस का गेट नहीं खुला और पोस्टमार्टम ड्यूटी में लगाए गए डॉक्टर व फार्मेसिस्ट पुलिस लाइन में एक कमरे में मिले नर कंकालों की गड़ना और ब्योरा तैयार करने के काम में लगे होने की जानकारी हुई तो मृतक के परिजन भड़क गए।
आक्रोशित भीड़ ने शव को उन्नाव-रायबरेली संपर्क मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जानकारी होते ही जिला अस्पताल पुलिस चौकी इंचार्ज इंदू यादव मौके पर पहुंची मगर भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुई। इसके बाद कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार रघुवंशी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इसके बाद तत्काल डॉक्टर और फार्मेसिस्ट को बुलाकर शवों का पोस्टमार्टम शुरू कराया गया।