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भूकंप के झटकों से फिर फैली दहशत

Wed, 13 May 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। भूकंप के दो झटकों से मंगलवार को फिर दहशत फैल गई। घरों, दफ्तरों से लोग खुले स्थान की ओर भागे। वहीं स्कूलों, कचहरी व बैंक भी भूकंप के झटकों की दहशत से खाली हो गई। लोग खुले स्थानों पर आकर अपनों को फोन मिलाने लगे। भूकंप से शहर के शाहगंज स्थित एक मकान का छज्जा दरक गया। इसके अलावा जनपद में कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजकर 43 मिनट पर भूकंप का पहला झटका आया। इस दौरान लोगों को शरीर में कंपन महसूस हुआ। साथ ही कमरे में रखी चीजें हिलती नजर आने लगीं। पहले तो लोगों ने इसे नजर अंदाज किया लेकिन कुछ ही देर में जब भूकंप आने का शोर उठा। तब कहीं जाकर लोगों को इसकी जानकारी हुई। इससे घबराए लोग तुरंत घरों, दफ्तरों, बैंकों व कचहरी से बाहर निकल आए।

कलेक्ट्रेट, विकासभवन व एसपी कार्यालय से भी कर्मचारी बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए यह सभी सरकारी दफ्तर सन्नाटे में डूब गए। करीब आधे घंटे तक लोग सड़कों व खुले स्थानों पर ही खड़े रहे। कुछ देर बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो लोग अपने स्थलों पर पहुंचे।
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हालांकि दोपहर करीब 1 बजकर 28 मिनट पर दोबारा भूकंप का झटका लोगों ने महसूस किया। इससे एक बार फिर लोगों में अफरातफरी मच गई। स्कूलों में कमरों में पढ़ाई कर रहे बच्चों को बाहर मैदान में एकत्रित कराया गया। स्थिति सामान्य होने पर कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। समय से पहले ही बच्चों को घर भेज दिया गया। ग्रामीण इलाकों में भी भूकंप की दहशत साफ देखी गई। तेज धूप होने के बाद भी लोग काफी देर तक खुले में खड़े रहे।

बांगरमऊ संवाददाता के अनुसार, नगर और ग्रामीण इलाकों में मंगलवार दोपहर फिर धरती डोली। भूकंप के झटके महसूस होते ही अस्थायी तहसील शहीद जसा सिंह भवन और विभिन्न बैंकों से वादकारी व ग्राहक बाहर भाग खड़े हुए। स्थानीय बैंक आफ इंडिया में मुआवजे की चेकों के भुगतान के लिए किसानों की लंबी लाइनें लगी हुई थीं। भूकंप के झटके आते ही ग्राहकों में हड़कम्प मच गया। ग्राहक बैंक से बाहर आकर सड़क किनारे खड़े हो गए। इसके अलावा लोगों ने घरों को भी छोड़ दिया। भूकंप में इतनी दहशत व्याप्त हो गई कि लोग करीब आधे घंटे तक घरों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।

असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आये। भूकंप दोबारा आने की संभावना के चलते लोग शाम तक घरों के बाहर पेड़ की छांप में बैठे नजर आये। सतीशचंद्र, श्रीप्रकाश त्रिपाठी, राजेंद्र शुक्ला, धर्मेंद्र त्रिपाठी, विभव श्रीवास्तव ने बताया कि उन लोगों ने इस तरह के भूकंप के झटके पहले कभी हीं देखे। अब तो घरों में रहने में भी डर लगता है कि पता नहीं कब भूकंप आ जाये।
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