प्रशिक्षण प्रमाणपत्र दिखाते कौशल विकास योजना के प्रशिक्षार्थी।
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कौशल विकास केंद्र से प्रशिक्षण पाए प्रशिक्षणार्थियों ने केंद्र प्रभारी पर फर्जीवाडे़ का आरोप लगा हंगामा कर दिया। प्रशिक्षणार्थियों ने केंद्र प्रभारी पर कंपनी में फर्जी ज्वाइनिंग दिखा मानदेय हड़पने का आरोप लगाया है। परियोजना निदेशक डीआरडीए ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।
हसनगंज स्थित कौशल विकास मिशन केंद्र में 2014-15 में 1700 युवक-युवतियों को फुटवियर डिजाइन का प्रशिक्षण दिया गया था। इन्हें इस प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया गया था। सोमवार को केंद्र प्रभारी ने उन्हें छात्रवृत्ति देने की बात कहकर सेंटर पर बुलाया था। यहां पर युवक-युवतियों से चप्पल बनाने वाली एक नामीगिरामी कंपनी के प्रोफार्मा पर हस्ताक्षर कराए जाने लगे। प्रोफार्मा में 6500 रुपये लिखे थे। यह देख आशंका पर प्रशिक्षणार्थियों ने पूछताछ शुरू कर दी।प्रशिक्षणार्थियों में नितीश कुमार, संदीप मौर्य, पूजा, रेशमी देवी, निशा रावत, अर्चना सिंह, प्रदीप, सूरज, सिदार्थ, विशाल व सर्वेश आदि ने बताया कि 300 युवक-युवतियों को छात्रवृत्ति देने का लालच देकर सोमवार को हसनगंज सेंटर पर बुलाया गया।
यहां 6500 रुपये के मानदेय के प्रोफ ार्मा पर हस्ताक्षर कराए जा रहे थे। इसका उन लोगों ने विरोध कर दिया।प्रशिक्षणार्थियों ने आरोप लगाया कि उन लोगोें की एक कंपनी में ज्वाइनिंग दिखाकर 6500 रुपये के मानदेय प्रोफ ार्मा पर हस्ताक्षर कराकर वीडियो बनाया जा रहा था। प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को आक्रोशित देख केंद्र प्रभारी अतुल व साथ आए जीबी भदौरिया खिसक गए। प्रशिक्षणार्थियों का आरोप है कि सेंटर प्रभारी उनकी किसी कंपनी में ज्वाइनिंग दिखाकर 6500 रुपये प्रत्येक के हिसाब से एक मोटी रकम हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। रिसीविंग में उनके हस्ताक्षर कराए जा रहे थे जबकि आज तक उन लोगों को प्रशिक्षण के दौरान या उसके बाद एक रुपया भी नहीं मिला है। परियोजना निदेशक डीआरडीए रामकृपाल चौधरी ने बताया कि उनके संज्ञान में अभी मामला नहीं है। यदि इसकी शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।