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कानपुर में मिले शहर से लापता बच्चे, बोले-घूमने निकले थे

Thu, 28 Mar 2019 12:38 AM IST
संतोष भदौरिया अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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कानपुर में साथी संस्था के कार्यालय में मौजूद बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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शहर के जवाहर नगर से सोमवार शाम लापता हुए तीन बालक बुधवार को कानपुर के किदवईनगर स्थित साथी संस्था के पास मिले। कानपुर रेलवे स्टेशन के बाहर बच्चों को घूमता देख कुछ लोगों ने उन्हें साथी संस्था के सुपुर्द कर दिया था। सदर पुलिस चौकी इंचार्ज शालिनी सहाय ने बताया कि बच्चों ने बताया कि वह टेंपो से कानपुर घूमने के लिए निकले थे। रुपये खत्म होने के बाद वह नहीं लौट सके। साथी संस्था शुक्रवार को सभी बच्चों को उनके परिजनों को सौंपेगी।
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शहर के जवाहर नगर निवासी सुनील का बेटा सद्दाम (10) उसके साथ शाहरुख (14) व जब्बार का बेटा सैफ (11) लापता हो गए थे। परिजनों ने सोमवार रात पुलिस को सूचना दी थी। बुधवार दोपहर कोतवाली पुलिस को जानकारी मिली की लापता बच्चे कानपुर के किदवईनगर स्थित साथी संस्था के पास हैं। पुलिस ने जब संस्था के सदस्यों से संपर्क किया तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। बच्चों से पूछताछ के लिए बुधवार शाम एक पुलिस टीम को कानपुर भेजा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार तीनों बच्चे सोमवार शाम शहर से कानपुर घूमने निकले थे। वह टेंपो से कानपुर गए थे। कानपुर में मंगलवार तक वह इधर-उधर घूमते रहे। इस बीच कुछ लोगों ने उन्हें साथी संस्था के सुपुर्द कर दिया था। एएसपी वीके पांडेय ने बताया कि साथी संस्था शुक्रवार को बच्चों को परिजनों के सुपुर्द करेगी।

बालगृह कानपुर में पेश किए जाएंगे बच्चे
घर से भागे बच्चों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए साथी संस्था कार्य करती है। साथी संस्था शुक्रवार को बच्चों को बालगृह कानपुर में पेश करेगी। जिसके बाद बच्चों को उनके परिजनों व पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।
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शाहरुख ने बनाई थी कानपुर घूमने की योजना
जवाहर नगर से लापता हुए तीन बालकों में शामिल शाहरुख ने कानपुर घूमने की योजना बनाई थी। शाहरुख की योजना में सैफ व सद्दाम भी शामिल हो गए थे। सभी के पास कुछ रुपये भी थी। उन रुपयों को उन्होंने कानपुर तक पहुंचने व खाने में खर्च किया था।

बच्चों को सकुशल घर लाने के लिए बनाई गई थी तीन टीम
एसपी ने जवाहर नगर से लापता हुए बच्चों को सकुशल घर लाने के लिए तीन टीमें गठित की थी। जिनमें पहली टीम का नेतृत्व सीओ सिटी को सौंपा गया था। टीम में कोतवाली पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा, सदर चौकी इंचार्ज शालिनी सहाय, विकास यादव शामिल थे। इसके अलावा दूसरी टीम की जिम्मेदारी स्वाट टीम प्रभारी डीके शाही व तीसरी टीम की जिम्मेदारी डीसीआरबी प्रभारी रंजीत सिंह को दी गई थी।
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