हसनगंज। केंद्र से आई टीम ने विकासखंड हसनगंज सभागार में बैठककर मनरेगा कार्यों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने मजदूरी व समयसीमा बढ़ाने और रोजगार सेवकों ने अपनी मानदेय संबंधी दिक्कतों को टीम के सामने रखा, जिस पर उन्होंने इन समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया।
जिले में मनरेगा की स्थिति का जायजा लेने दो सदस्यीय केंद्रीय टीम कार्तिक व हैरिख शुक्रवार सुबह विकासखंड हसनगंज पहुंची। यहां पर पहले सभागार में मनरेगा की प्रगति की जानकारी हासिल की। सदस्यों ने समस्याओं के बारे में पूछा। रोजगार सेवकों ने टीम को बताया कि मनरेगा कार्यों का भुगतान 19 दिन में हो जाना चाहिए लेकिन यहां पर दो माह बीत जाने के बाद भी मजदूरी नहीं मिल पाती है।
नेट की स्पीड कम होने से मस्टर रोल व एमबी फीडिंग में समय ज्यादा लग जाता है। स्थानीयस्तर पर व्यवस्थाएं सही होने पर मामला बैंक में जाकर फंस जाता है। टीम के सदस्यों को यह भी बताया गया कि क्षेत्र मैंगो बेल्ट के रूप में प्रसिद्ध है इससे मजदूर कम मिल पाते हैं।
इसके अलावा टीम ने हसनगंज के तेगापुर में बने मॉडल तालाब को देखा। ग्रामीणों से भी बातचीत की। ग्रामीणों ने काम की समयसीमा 100 दिनों से बढ़ाकर 365 दिन करने की बात रखी। साथ ही मजदूरी 300 रुपये करने की भी मांग की। टीम के सदस्यों ने ग्राम पंचायत अहमदपुर वादे में चारागाह में लगे पेड़ देखे। इस दौरान मनरेगा उपायुक्त राजेश मिश्र, बीडीओ राबिया बेगम, सचिव शैलेंद्र दुबे, प्रवीण दुबे, अनिल शर्मा, एडीओ पंचायत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।