परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने की मंशा से विभागीय ने एक और प्रयास किया है। अब बीएसए कार्यालय में हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है, जिस पर अब कोई भी शिक्षकों की लेटलतीफी, मिड-डे मील में गड़बड़ी आदि किसी भी तरह की शिक्षा संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेगा। त्वरित कार्रवाई करके समस्या का निराकरण होगा। साथ ही शिक्षक भी अपनी समस्याओं को इसी हेल्पलाइन पर बता सकेंगे। उधर, फोन सेवा शुरू होने के पहले दिन ही तीन शिकायतें दर्ज कराई गईं। जिनमें दो समस्याएं शिक्षकों के स्कूल न आने से संबंधित हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उनके कार्यालय में हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। अभिभावक फोन नंबर 0515-2820295 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। चाहे शिक्षकों के विलंब से स्कूल पहुंचने का मामला हो, मिड-डे मील नहीं बनने या खराब बनने का, सफाई व्यवस्था खराब होने आदि किसी भी तरह की स्कूल संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेगा। सुबह नौ से अपराह्न तीन बजे तक हेल्पलाइन पर शिकायतें नोट होंगी। बीईओ मुख्यालय राजेश सिंह ने बताया कि यदि दो बार रिंग करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं होगा, तो तीसरी बार रिंग बीएसए के फोन पर पहुंचेगी, तो बीएसए स्वयं की शिकायत सुनेंगे। शिकायत को तत्काल बीएसए व अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। शिकायत का त्वरित समाधान किया जाएगा। दिनभर जो भी शिकायतें आएंगी, उनका निराकरण हुआ या नहीं, क्यों नहीं हुआ, इसकी पूरी रिपोर्ट शाम को सचिव बेसिक शिक्षा को दी जाएगी। अलग से वेबसाइट बना दी गई है। शिक्षकों को भी समस्याएं लेकर बीएसए कार्यालय आने की जरूरत नहीं रहेगी, इसी हेल्पलाइन नंबर पर नोट करा सकते हैं, उनका भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा।
केस नंबर-01
शिकायतकर्ता- अर्जुन कुमार
निवासी- ग्राम सभा पापरि
ब्लॉक- सफीपुर
सफीपुर ब्लॉक के पापरि गांव निवासी अर्जुन कुमार की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षामित्र समय से स्कूल नहीं आते। जब आते भी हैं तो शराब पीकर आते हैं। इससे स्कूल का माहौल खराब हो रहा है।
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केस नंबर- 02
शिकायतकर्ता- सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी
ब्लॉक- मियागंज
स्कूल- माखी प्राइमरी स्कूल के सेवा निवृत्त प्रधान टीचर
सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जून 2015 में वह सेवानिवृत्त हुए थे। लेकिन अभी तक पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कई बार वह बीएसए व लेखा कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है।