नवाबगंज। कैंसर से पीड़ित एक युवक लखनऊ दवा लेने जाते समय ट्रेन से गिरकर लापता हो गया। उसकी पत्नी और बेटी को इसका पता नहीं चला। रविवार को उसका शव अजगैन कोतवाली के जगदीशपुर गांव के पास रेल पटरी पर मिला।
दही थानाक्षेत्र के शहजादपुर निवासी आलोक कुमार (40) पुत्र नन्हेलाल लंबे समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। उनका इलाज लखनऊ में चल रहा था। शनिवार सुबह दस बजे वह पत्नी रेनू देवी और बेटी खुशी के साथ लखनऊ के लिए निकले थे। दोपहर 12:30 बजे वे पैसेंजर ट्रेन में बैठे। आलोक कुमार शौचालय जाने की बात कहकर सीट से उठे और वापस नहीं लौटे। लखनऊ पहुंचने पर पत्नी ने उनकी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। कहीं कुछ पता न चलने पर घर वालों को बताया। परिजन भी तलाश करते रहे। फिर परिजन ने अजगैन कोतवाली और जीआरपी थाने में सूचना दी। रविवार सुबह पुलिस ने शव मिलने की जानकारी दी, जिसकी पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई।
कोतवाल सुरेश सिंह ने बताया कि एक लाइनमैन ने रेल पटरी पर शव पड़ा होने की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। पहचान होने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। आलोक कुमार की मौत से पत्नी, भाई मनीष और बच्चों खुशी, अल्का व अंजुल बेहाल हैं।