उन्नाव। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए योजनाएं तो कई बार बनीं लेकिन इन पर अमल नहीं हो सका। तीन महीने पहले प्रशासन ने फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए नगर पालिका से छोटा चौराहे तक पीली पट्टी बनवाई थी और हिदायत दी थी कि इसके आगे कोई भी दुकान नहीं लगाएगा, लेकिन यह लकीर भी अतिक्रमण की हद तय नहीं कर सकी।
शहर में मुख्य मार्ग पर जाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तीन महीने पहले अधिकारियों से सर्वे कराया था। नगर पालिका से लेकर छोटा चौराहे तक सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ और नाले के बीच पीले रंग के पेंट से पट्टी बनाई गई थी। दुकानदारों को निर्देश दिए गए थे कि वह अपनी दुकान और सामान इस पीली पट्टी के पीछे ही रखेंगे। फुटपाथ को पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए खाली रखा जाएगा। निर्देश देने के बाद अधिकारी व्यवस्था को सख्ती से लागू कराना ही भूल गए। नतीजा यह हुआ कि कहीं पर दुकानदारों ने इस पीली पट्टी को ही साफ कर दिया तो कहीं इसे नजरअंदाज करके फुटपाथ को घेर लिया है।
हाल यह है कि फुटपाथ के आगे वाहनों की पार्किंग रहती है और पैदल चलने वाले राहगीर, व्यस्त यातायात के बीच आवागमन करते हैं। दिन में कई बार जाम लगता है। नगर पालिका से गांधीनगर तिराहे तक की 10 मिनट की दूरी तय करने में 30 से 35 मिनट लगते हैं। शुक्रवार को भी कई बार जाम लगा।
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शिफ्ट नहीं हुई फल मंडी
बड़ा चौराहा पर जाम से निपटने के लिए यहां सब्जी मंडी के सामने सड़क घेरकर लगने वाली फल मंडी को शिफ्ट करने की योजना बनी थी। फलों की अस्थायी दुकानों और ठेलिया को आईबीपी चौराहे से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर शिफ्ट करने की योजना थी। वेंडिंग जोन का बोर्ड भी लगाया गया लेकिन अमल नहीं हो पाया।
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बोले जिम्मेदार
अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिए जा रहे हैं। अभी तक 150 से अधिक लोगों को नोटिस जारी हो चुके हैं। इसके बाद भी सुधार न हुआ तो तय किए गए नियम न मानने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। चालान और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
- एसके गौतम, ईओ, नगर पालिका
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अभी हाल में ही चार्ज लिया है। शहर से लेकर हाईवे व प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या हल करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं? क्या सुधार कराए जा सकते हैं? इसे देख रहे हैं। प्रशासन ने जो भी मानक तय किए हैं, दुकानदारों को उसका पालन करना होगा। आने वाले दिनों में नगर पालिका के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।
- मधुपनाथ मिश्रा, सीओ यातायात