अचलगंज। रमई काका के 101वां जन्मदिवस पर दो फरवरी को उनकी जन्म स्थली रावतपुर के शीतला सहाय राधाकृष्ण पुस्तकालय परिसर में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर मनाया गया।
बताया कि शिष्ट हास्य मानव की मनोरंजिनी वृत्ति का विकास है। जीवन की स्वतंत्रता की श्रृंखला में शिष्ट हास्य की एक कड़ी है। हमारी जातीयता और मनोरंजनी वृत्ति का ज्यों- ज्यों विकास होगा, विनोद और व्यंग्य से सना हुआ शिष्ट परिहास भी विकसित होगा।
इस दौरान जिले के मशहूर हास्य कवि चंद्रभूषण त्रिवेदी उर्फ रमई काका का नाम अवश्य याद किया जाएगा। हास्य कवि रमई काका का संपूर्ण जीवन साहित्य और शिष्ट हास्य का जीता जागता उदाहरण है।
इस अवसर पर शिवदत्त अवस्थी, श्रीपाल यादव, विद्या भूषण त्रिवेदी आदि ने काका की कविताओं का वाचन किया। इस मौके पर भगवती चरण त्रिवेदी, रामचंद्र त्रिवेदी, शैलेंद्र त्रिवेदी, इंदु प्रकाश दीक्षित, सुरेश कुमार त्रिवेदी, दिलीप द्विवेदी, राजकुमार तिवारी मौजूद रहे।