उन्नाव। यूडीए द्वारा 1.40 करोड़ रुपये से होेने वाले पांच विकास कार्यों के टेंडर यूडीए भवन में स्थित एक कमरे के भीतर खोल दिए गए। इसमें कुल 33 फर्मों की ओर से आवेदन किए गए थे जिनमें से 15 ने ही सक्रियता दिखाई। इसके बाद पांच विकास कार्यों को दो फर्मों में ही आवंटित कर दिया गया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने ठेकेदारों से मिलकर इसमें बड़ा खेल किया है। पहले तो जिस दिन फार्मों की बिक्री के अंतिम दिन की देर शाम तक फार्म नहीं बेचे गए। इसके बाद इन कार्यों के लिए 33 ठेकेदारों को फार्म उपलब्ध कराए गए। टेंडर खुलने की निर्धारित तिथि 23 फरवरी को टेंडर नहीं खोले गए।
इसके बाद 24 को विभागीय अधिकारियों ने बंद कमरे में टेंडर खोलने की प्रक्रिया पूरी करवा दी। इसमें मात्र 15 लोग ही शामिल हो सके। इसमें अधिकारियों ने 1.40 करोड़ के सभी पांचों कार्यों को मात्र दो फर्मों के नाम ही सभी विकास कार्यों का आवंटन कर दिया गया।
नहीं याद कि किसके टेंडर हुए हैं पास
उन्नाव। यूडीए के सहायक अभियंता नरेश भाटिया ने बताया कि टेंडर तो आज खोले गए हैं। लेकिन मुझे यह नहीं याद है कि किस फर्म के नाम टेंडर आवंटित हुए हैं। मैं ऑफिस से निकल आया हूं।
टेंडर तो कल ही हो गए थे
उन्नाव। यूडीए के अवर अभियंता राजेश तोमर ने बताया कि टेंडर खोलने की प्रक्रिया तो सोमवार की शाम को ही हो गई थी। मंगलवार को तो इनसे संबंधित अन्य काम किए जा रहे थे।
अधिकारियों की अलग-अलग बात खोल रही पोल
उन्नाव। टेंडर प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे यूडीए के सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं से की गई बात में बड़ा अंतर रहा। एई से सोमवार की शाम को हुई बात में उन्होंने कहा कि आज टेंडर नहीं खुल सके हैं मंगलवार को प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद मंगलवार को बात करने पर उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया तय तिथि 23 फरवरी को नहीं हो पाई थी इसलिए 24 को की गई। वहीं जेई ने बताया कि टेंडर तो 23 फरवरी को ही खोल दिए गए थे।